सिने दुनिया आदिवासियत : एक यात्रा ( पहली किस्त )समकालीन जनमतJuly 3, 2026July 7, 2026 by समकालीन जनमतJuly 3, 2026July 7, 20260189 (अखड़ा राँची और औराविल फिल्म इंस्टिट्यूट की ओर से चौबीस दिवसीय डॉक्यूमेन्ट्री रिट्रीट एंड वर्कशॉप “आदिवासियत” की यह रिपोर्ट केवल सिनेमा वर्कशाप की रिपोर्ट नहीं...
ज़ेर-ए-बहस प्रकृति के प्रांगण में मानव की विनाश लीला!जनार्दनNovember 8, 2020November 8, 2020 by जनार्दनNovember 8, 2020November 8, 202002570 हर शहर कोहरे के साये में लिपटा हुआ है। हर तरफ़ सांसें उखड़ रहीं हैं और हर जिंदगी परेशान सी है; यह सब क्यों हो...
कवितासाहित्य-संस्कृति मरे हुए तालाब में लाशें नहीं विचारधाराएं तैर रही हैंआशुतोष कुमारMay 27, 2018May 27, 2018 by आशुतोष कुमारMay 27, 2018May 27, 201803302 “जंगल केवल जंगल नहीं है नहीं है वह केवल दृश्य वह तो एक दर्शन है पक्षधर है वह सहजीविता का दुनिया भर की सत्ताओं का...