शख्सियत राजेन्द्र कुमार : जैसा मैंने उन्हें देखाप्रणय कृष्णJuly 24, 2018July 24, 2018 by प्रणय कृष्णJuly 24, 2018July 24, 201814011 उनका अलंकरण मुश्किल है. उनके बारे में अतिशयोक्ति संभव नहीं. ध्यान से देखें तो उन्होंने अपने जीवन और अपनी रचना में कुछ भी अतिरिक्त, कुछ...
कवितासाहित्य-संस्कृति प्रदीप कुमार सिंह की कविताएँ : विह्वल करने से ज़्यादा विचार-विकल करती हैंउमा रागMay 13, 2018May 13, 2018 by उमा रागMay 13, 2018May 13, 201812687 नदी समुद्र में जाकर गिरती है, यह तो सब जानते हैं. लेकिन यह सच्चाई तो प्रदीप की कविता को पता है कि नदी अपना दुःख...