समकालीन जनमत

Tag : आदिवासी

ख़बरज़ेर-ए-बहस

10 लाख से अधिक वनवासियों को जंगलों से बेदखल करने का आदेश

कागजों पर लिखी इबारत कितनी मारक हो सकती है, इसको उच्चतम न्यायालय के उस फैसले से समझा जा सकता है, जिसमें 10 लाख से अधिक...
जनमत

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी नहीं, यह स्टैच्यू ऑफ डिस्प्लेसमेंट है

शशांक मुकुट शेखर सरकार हजारों आदिवासियों की मृत्यु का जश्न मनाने की तैयारियों में तल्लीन है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की...
जनमत

बुलेट ट्रेन के लिए भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों, आदिवासियों के साथ आये कई दल

समकालीन जनमत
दिल्ली के कंसिट्यूशन क्लब हाल में 15 अक्टूबर 2018 को " भारत में बुलेट ट्रेन - किसकी कीमत पर " विषय को केंद्र कर एक...
ख़बरज़ेर-ए-बहस

उसका भाषण था कि मक्कारी का जादू…

समकालीन जनमत
सौरभ यादव, शोध छात्र, दिल्ली विश्वविद्यालय 15 अगस्त, नई दिल्ली ।आज देश के 72 वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रचलित परम्परा के अनुसार प्रधानमंत्री ने डालमिया...
ख़बर

सामाजिक कार्यकर्ताओं पर देशद्रोह के केस के खिलाफ रांची में प्रदर्शन

समकालीन जनमत
झारखंड के 20 सामाजिक कार्यकर्ताओं पर लगाए गए देशद्रोह के केस के खिलाफ वरिष्ठ लेखकों, बुद्धिजीवियों व सांस्कृतिक -सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने 10 अगस्त...
जनमत

पत्थलगड़ी के बहाने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर चोट ?

समकालीन जनमत
झारखंड के आदिवासी बहुल गांवों में किया गया पत्थलगड़ी राज्य सरकार के लिए सिर दर्द बन चुका है. इन गांवों के लोग सरकार के खिलाफ...
जनमत

क्या पत्थलगड़ी असंवैधानिक है ?

समकालीन जनमत
[author] [author_image timthumb=’on’]http://samkaleenjanmat.in/wp-content/uploads/2018/05/gladson-dungdung.jpg[/author_image] [author_info]ग्लैडसन डुंगडुंग [/author_info] [/author] झारखंड के आदिवासी इलाकों में हो रही पत्थलगड़ी से सरकार की नींद हराम हो गई है. झारखंड के...
जनमत

पत्थलगड़ी और प्रवेश निषेध

समकालीन जनमत
जब संविधान, कानून एवं सरकार के होते हुए आदिवासी लूटे जा रहे हैं तब क्या वे चुपचाप अन्याय सहते रहेंगे ? इसीलिए वे अपने पारंपरिक...
जनमत

पत्थलगड़ी से क्यों भयभीत है राज्य सत्ता

समकालीन जनमत
आदिवासियों ने जिस झारखंड राज्य के गठन के लिए सात दशकों तक संघर्ष किया उसी राज्य में अब उन्हें अपनी आजीविका के संसाधनों को सुरक्षित...
जनमत

पत्थलगड़ी आंदोलन की जड़ें

समकालीन जनमत
आदिवासियों के साथ प्रगति, विकास, जनहित, राष्ट्रहित एवं आर्थिक तरक्की के नाम पर धोखा किया गया है। इसलिए अब वे किसी भी कीमत पर अपनी...
कवितासाहित्य-संस्कृति

मरे हुए तालाब में लाशें नहीं विचारधाराएं तैर रही हैं

आशुतोष कुमार
“जंगल केवल जंगल नहीं है नहीं है वह केवल दृश्य वह तो एक दर्शन है पक्षधर है वह सहजीविता का दुनिया भर की सत्ताओं का...
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