समकालीन जनमत

Category : कविता

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गुलज़ार हुसैन की कविताएँ नफ़रत के ख़िलाफ़ मोहब्बत का पैग़ाम हैं

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पंकज चौधरी प्रखर युवा कवि, पत्रकार गुलज़ार हुसैन का जन्म एक अत्यंत कमज़ोर आर्थिक पृष्ठभूमि में हुआ। नौकरी की तलाश में मुंबई जैसे महानगर पहुँचे,...
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नीरज की कविताएँ समकालीन जटिलताओं की पुख़्ता शिनाख़्त हैं

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विजय राही समकाल को समझे बिना कविता को समझना दुष्कर है। कोई भी कवि समय सापेक्ष परिस्थितियों को उजागर करता हुआ आगे बढ़ता है या...
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टेकचंद की कविताएँ वर्तमान समय के असंतोष को चिन्हित करती हैं

उमा राग
ख़ुदेजा ख़ान किसी भी साहित्यकार की लेखन के प्रति प्रतिबद्धता तब तक अधूरी है जब तक वो जन सरोकारों से न जुड़े। देश- दुनिया के...
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मोहन मुक्त की कविताएँ भाषा में वर्णाश्रमी प्रपंचों को तोड़ने वाली राजनीतिक चेतना की बानगी हैं

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केतन यादव एक पूर्वकथन यह कि मेरी भूमिका मात्र इस कवि से परिचय कराने की होगी बाकि बात कवि की कविताएँ खुद कहेंगी। यह एक...
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रानी कुमारी की कविताएँ मनुष्य की गरिमा के पक्ष में उठाये गए सवाल हैं

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अरविंद पासवान रानी की कविताओं से होकर गुजरना, मानो आईना में अपना ही अक्स देखना है। कवयित्री कल्पना के उड़ान पर सवार नहीं होती, बल्कि...
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मनोज मल्हार की कविताएँ अपने समय और परिवेश की गहन पड़ताल हैं।

देवेन्द्र कुमार चौधरी कोई कवि कितना महत्वपूर्ण होता है इस बात से पता चलता है कि वह अपने समय, अपने आसपास के जीवन और परिवेश...
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सपना चमड़िया की कविताएँ : कविता में सहज प्रतिरोध की अभिव्यक्ति

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रामायन राम अस्मिता विमर्श और उसके साहित्य के विषय में यह आम धारणा है कि यह एक स्व – केंद्रित विमर्श है यानि अस्मिताएँ अपने...
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बाबासाहेब भीमराव आम्‍बेडकर की जयंती पर जसम ने किया काव्‍य-गोष्‍ठी का आयोजन

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नई दिल्ली। बाबासाहेब भीमराव आम्‍बेडकर की जयंती पर जन संस्कृति मंच (जसम) के द्वारा  काव्‍य-गोष्‍ठी का आयोजन भाकपा माले के सांसद सुदामा प्रसाद के दिल्ली आवास...
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देवेंद्र कुमार चौधरी की कविताएँ प्रेम की तरल संवेदना की अभिव्यक्ति हैं

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पंकज चौधरी प्रेम की तरल संवेदना के कवि हैं देवेंद्र कुमार चौधरी। देवेंद्र को पढ़ते हुए केदारनाथ अग्रवाल याद आते है। केदारनाथ अग्रवाल इसलिए क्योंकि...
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सोनम यादव की कविताएँ सघन संवेदनाओं से संतृप्त हैं

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शिरोमणि महतो सोनम यादव एक संभावनाशील व अतीव संवदेनशील युवाकवि हैं। संवेदनशीलता स्त्रियों का नैसर्गिक गुण है। किन्तु सोनम की संवदेना ज़्यादा सघन और सांद्र...
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एक पर्यावरणप्रेमी – जनवादी कवि की कविताएं : कनक चंपा और अन्य कविताएं

 नीरज सिंह  जितेंद्र कुमार हिंदी – भोजपुरी साहित्य के एक सुपरिचित नाम हैं । उनकी गणना बेहद दृष्टिसंपन्न रचनाकारों में होती है । उन्होंने कविता...
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जसम ने किया घर-गोष्ठी का आयोजन

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इलाहाबाद, जन संस्कृति मंच ने एक अप्रैल को घरेलू गोष्ठी का आयोजन किया। गोष्ठी का विषय कविता पाठ एवं परिचर्चा था, जिसमें कविता पाठ के लिए...
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वसुंधरा यादव की कविताएँ मनुष्य-जीवन के संगीत के प्रति सघन आस्था से लबरेज़ हैं

तनुज कुमार कविता की दुनिया में रचनात्मक कदम-ताल की इतिश्री के कई रास्ते हैं. यहाँ अभिजात्य और कुरूप के बीच द्वंद्व भी है और साम्य...
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सुप्रिया मिश्रा की कविताएँ प्रेम में सहारे की नहीं साथीपन की तलाश हैं

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नाज़िश अंसारी अनुभव सिन्हा निर्देशित “तुम बिन” फिल्म की ग़ज़ल “कोई फ़रियाद तेरे दिल में दबी हो जैसे” में बहुत पहले ही हीरो ने हीरोइन...
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शिवांगी गोयल की कविताएँ और स्त्री अस्तित्व का आधुनिक स्वर

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माया मिश्र आज जब हम इक्कीसवीं सदी का एक चौथाई हिस्सा जी चुके हैं तब यह प्रश्न अपने समूचेपन में हमारे सामने बार बार खड़ा...
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हेमन्त कुमार की कविताएँ सभ्यता-विकास को प्रश्नांकित करती हैं

कौशल किशोर डॉ. हेमन्त कुमार की कविता में ‘कटघरे के भीतर’  जीवन की पड़ताल हेमंत कुमार की कविताओं में प्रकृति, पर्यावरण, चिड़िया, गौरैया, जंगल, पहाड़,...
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समय से मुठभेड़ करती उषा राय की कविताएं

डॉ अवंतिका सिंह उषा राय प्रसिद्ध कहानीकार, कवि, नाटककार, और पर्यावरण प्रेमी हैं। उनका कविता संग्रह ‘ भीमा कोरे गांव और अन्य कविताएं ‘ 2023...
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निदा रहमान की कविताएँ स्त्री जीवन के जद्दोजहद की निर्भीक अभिव्यक्ति हैं

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विपिन चौधरी स्त्री-चेतना को तर्कसंगत दृष्टिकोण देने के साथ-साथ निर्भीक अभिव्यक्ति को अपनाए जाने की समझ प्रदान करने वाली विधा कविता में स्त्री रचनाकार एक...
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अमरेन्‍द्र कुमार की कविताओं में काव्‍य परंपरा का बोध अभिव्यक्त होता है

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कुमार मुकुल   अमरेन्‍द्र कुमार की कविताएँ पढ़ते लगता है कि अरसा बाद कोई सचमुच का कवि मिला है, अपनी सच्‍ची जिद, उमंग, उल्‍लास और...
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अपराजिता अनामिका की कविताएँ पुरुष प्रधान समाज से प्रतिवाद करती स्त्री अस्मिता की पक्षधर हैं

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गुंजन विधान किसी कवि के शुरुआती दौर में जो आवेग और मौजूदा सामाजिक ढांचे के साथ ऐतिहासिक समझ होनी चाहिए वह अपराजिता अनामिका में मौजूद...
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