जनमत कथा पुस्तक ‘कोई है जो’ को कलिंग पुरस्कार दौड़ से बाहर रखने की लेखकीय अपीलसमकालीन जनमतFebruary 9, 2025February 10, 2025 by समकालीन जनमतFebruary 9, 2025February 10, 20250471 वरिष्ठ कवि देवी प्रसाद मिश्र ने अपनी कथा पुस्तक ‘कोई है जो’ को कलिंग पुरस्कार के लिए शार्ट लिस्ट किए जाने से मना कर दिया...
जनमत कोलम्बिया के राष्ट्रपति गुस्तावों पेट्रो का ट्रम्प को जबड़ा-तोड़ जवाबसमकालीन जनमतFebruary 7, 2025February 7, 2025 by समकालीन जनमतFebruary 7, 2025February 7, 2025066 कोलम्बिया एक छोटा सा देश है, आबादी महज़ 5 करोड़। पर उसके राष्ट्रपति गुस्तावों पेट्रो के पास रीढ़ की हड्डी भी है। एक तरफ...
जनमत राजनीतिक दलों के लिए कितनी जरुरी है दिल्ली की साफ हवा ?समकालीन जनमतFebruary 4, 2025February 4, 2025 by समकालीन जनमतFebruary 4, 2025February 4, 2025063 शिवानी पाण्डेय दिल्ली विधानसभा के चुनाव के ठीक एक सप्ताह पहले दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर अलग अलग क्षेत्रों में 350 से 450 के...
कविता एकता वर्मा की कविताएँ स्त्री मन की पीड़ा और अमानवीय होते समय की कविताएँ हैंसमकालीन जनमतFebruary 2, 2025February 2, 2025 by समकालीन जनमतFebruary 2, 2025February 2, 20250651 श्रीधर करुणानिधि कविताएँ सिर्फ़ सूचना नहीं देतीं भावपूर्ण स्थितियों के माध्यम से खुद की अभिव्यक्ति पर पहुँच कर थम जाती हैं और बाकी का काम...
ज़ेर-ए-बहस आज का कुलीनतंत्रसमकालीन जनमतJanuary 27, 2025January 28, 2025 by समकालीन जनमतJanuary 27, 2025January 28, 2025082 अतानु बिस्वास (वैसे तो यह लेख ट्रम्प के चुनाव को लेकर है पर थोड़ा गौर से देखा जाय तो इसके निहितार्थ की परिधि में भारत...
कवितास्मृति तरुण भारतीय की कविताएँ हिंदी कविता का उत्तरपूर्वी अंग हैंसमकालीन जनमतJanuary 26, 2025January 26, 2025 by समकालीन जनमतJanuary 26, 2025January 26, 20250357 असद ज़ैदी प्रसिद्ध फिल्म निर्माता, कवि और सामाजिक कार्यकर्ता तरुण भारतीय का 25 जनवरी की सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। ‘समकालीन...
स्मृति नाज़िम हिक़मत : प्रेम और जिजीविषा के महान कविसमकालीन जनमतJanuary 20, 2025January 20, 2025 by समकालीन जनमतJanuary 20, 2025January 20, 20250307 सुशील सुमन पिछले सप्ताह 15 जनवरी को तुर्की के महाकवि नाज़िम हिक़मत का जन्मदिवस बीता है। प्रेम और क्रान्ति के इस अनूठे कवि की आधुनिक...
कविता लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता की कविताएँ देशकाल की पड़ताल और प्रतिगामी शक्तियों की शिनाख़्त करती हैं।समकालीन जनमतJanuary 19, 2025January 19, 2025 by समकालीन जनमतJanuary 19, 2025January 19, 20250462 अरुण आदित्य लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता की कविता देशकाल की पड़ताल और प्रतिगामी शक्तियों के प्रतिरोध की कविता है। यहाँ हाशिए के लोग हैं, उनका श्रम...
कविता मनीषा मिश्रा की कविताएँ समाज के प्रति अपनी जागरूक भूमिका को निभाने का प्रयास हैंसमकालीन जनमतJanuary 12, 2025January 12, 2025 by समकालीन जनमतJanuary 12, 2025January 12, 2025081 सोनी पाण्डेय बाँस की कोपलों सी बढ़ती है लड़कियाँ…. विमर्श और स्त्री मुक्ति के नारों के बीच आज की कस्बाई औरतों के संघर्षों का यदि...
जनमत प्रयागराज से संभल तक: निशाने पर मुस्लिम नेतृत्व समकालीन जनमतJanuary 12, 2025January 15, 2025 by समकालीन जनमतJanuary 12, 2025January 15, 20250179 जयप्रकाश नारायण उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की सरकार के गठन के बाद से जितने नीतिगत फैसले लिए गए हैं, उनका...
जनमत भारत में ट्रान्सजेंडर के अधिकार : कागजी कानून और वास्तविक संघर्षसमकालीन जनमतJanuary 9, 2025January 15, 2025 by समकालीन जनमतJanuary 9, 2025January 15, 2025080 दीक्षा पाण्डेय पिछले काफी अरसे से, खासतौर से तब, जब से डोनाल्ड ट्रम्प ने दो से अधिक जेंडर्स को दी गई आधिकारिक मान्यता को वापस...
कविता रणेन्द्र की कविताएँ युगबोध और प्रतिबद्धता की बानगी हैं।समकालीन जनमतJanuary 5, 2025January 5, 2025 by समकालीन जनमतJanuary 5, 2025January 5, 20250377 प्रज्ञा गुप्ता “रणेन्द्र युगबोध के कवि हैं। रणेन्द्र का कवि मन अपनी विविध प्रतिबद्धताओं,सरोकारों के बीच रागारुण संवेदना के साथ उपस्थित है।” ‘ग्लोबल गाँव के...
कविता माया मिश्रा की कविताओं में कभी न ख़त्म होने वाली उम्मीद का एक शिखर हैसमकालीन जनमतDecember 29, 2024December 29, 2024 by समकालीन जनमतDecember 29, 2024December 29, 20240282 गुंजन श्रीवास्तव माया मिश्रा जी की कविताओं को पढ़कर एक बात तो साफ़ कही जा सकती है कि यह एक कवि के परिपक्व अनुभव से...
कविता हरे प्रकाश उपाध्याय की कविताएँ तनी हुई मुट्ठी की तरह ऊपर उठती हैं।समकालीन जनमतDecember 22, 2024December 22, 2024 by समकालीन जनमतDecember 22, 2024December 22, 20240260 चित्रा पंवार सर्वेश्वर दयाल सक्सेना कविता के विषय में कहते हैं– ‘कविता अगर मेरी धमनियों में जलती है पर शब्दों में नहीं ढल पाती मुझे...
कविता दुनिया में ताक़त के खेल को समझने की कोशिश है अरुणाभ सौरभ की कविताएँसमकालीन जनमतDecember 16, 2024December 19, 2024 by समकालीन जनमतDecember 16, 2024December 19, 20240229 बीते शनिवार को प्रभाकर प्रकाशन में अरुणाभ सौरभ के काव्य-संग्रह ‘मेरी दुनिया के ईश्वर’ के तीसरे संस्करण का लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर एक परिचर्चा...
कविता रचित की कविताएँ यथास्थिति को बदलने के लिए बेचैन हैंसमकालीन जनमतDecember 15, 2024December 15, 2024 by समकालीन जनमतDecember 15, 2024December 15, 20240167 जावेद आलम ख़ान रचित की कविताओं में गुस्सैल प्रेमी रहता है ऐसा नायक जो यथार्थ को नंगा नहीं करता, बड़े सलीके से परोसता है जिसकी...
ख़बर बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर महापरिनिर्वाण दिवस समारोहसमकालीन जनमतDecember 13, 2024December 13, 2024 by समकालीन जनमतDecember 13, 2024December 13, 20240146 8 दिसंबर 2024 दिन रविवार को बरामदपुर गांव (सुल्तानपुर) में डॉ. अम्बेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस समारोह के उपलक्ष्य में संविधान के मूल्यों को बनाए और...
कविता ग्रेस कुजूर की कविताओं में नष्ट होती प्रकृति का दर्द झलकता है।समकालीन जनमतDecember 8, 2024December 8, 2024 by समकालीन जनमतDecember 8, 2024December 8, 20240398 प्रज्ञा गुप्ता प्रकृति का सानिध्य किसे प्रिय नहीं। प्रकृति के सानिध्य में ही मनुष्य ने मनुष्यता सीखी; प्रकृति एवं जीवन के प्रश्नों ने ही मनुष्य...
साहित्य-संस्कृति हेमंत कुमार की नयी कहानी ‘वारिस’समकालीन जनमतDecember 8, 2024December 12, 2024 by समकालीन जनमतDecember 8, 2024December 12, 20240114 (हेमंत की कहानियां अपने समय के यथार्थ को बेहद संवेदनशील तरीके से चित्रित करती हैं और पाठक को सोचने को विवश करती हैं। पढ़िए हेमंत...
शख्सियत याद ए मकबूल जायसी का आयोजन : चर्चा और ग़ज़ल संध्या समकालीन जनमतDecember 2, 2024December 2, 2024 by समकालीन जनमतDecember 2, 2024December 2, 20240254 ‘मकबूल जायसी की शायरी हिंदुस्तानियत और इंसानियत से सराबोर’ ‘अब ये गजलें मिजाज बदलेंगी‘ लखनऊ। जन संस्कृति मंच (जसम) की ओर से ‘याद ए...