समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

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जनमत

अजय जी को याद करते हुए

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जयप्रकाश नारायण  अजय जी ने इस फानी दुनिया से विदा ले ली है। अपना सब कुछ इसी दुनिया में छोड़कर सीखते, समझते-बूझते और लड़ते हुए...
शख्सियत

प्रेमचंद मानवीय मूल्यों को जीवित रखने वाले रचनाकार थे: जया जादवानी

11 स्कूलों के 180 बच्चों ने ईदगाह, बूढ़ी काकी और पंच परमेश्वर को कैनवास पर उतारा  सबने माना…नफ़रत के इस भयावह दौर में बच्चों को...
जनमतसाहित्य-संस्कृति

मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर बच्चों ने बनाया चित्र

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राजकुमार सोनी  रायपुर. जन संस्कृति मंच रायपुर और शिवम् एजुकेशन एकेडमी के संयुक्त तत्वावधान में 31 जुलाई को कथा और उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की...
जनमत

‘आपरेशन सिंदूर’ पर संसद  में 16 घंटे की बहस

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जयप्रकाश नारायण  28 और 29 जुलाई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और उसके बाद घटित घटनाओं  को लेकर संसद में 16 घंटे की बहस पूर्व निर्धारित कार्यक्रम...
जनमत

भाजपा के राज में दलितों पर हमले की बढ़ी घटनाएं

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29 जुलाई, लखनऊ। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी माले ने प्रयागराज समेत उत्तर प्रदेश में बढ़ रहे दलित समाज पर उत्पीड़न के खिलाफ लखनऊ हजरतगंज लखनऊ...
पुस्तक

‘गहन है यह अंधकारा’ की पुस्तक समीक्षा

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पवन करण कोई भी भाषा हो वह दुर्जनों की ज़बान से बोले जाते समय कसमसाती होगी। जो ग़लत और झूठ बोला जा रहा है और...
कविता

अवंतिका सिंह की कविता यात्रा संभावनाओं भरी नई सुबह की तलाश में है।

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प्रज्ञा गुप्ता अवंतिका सिंह की कविताएँ सामाजिक यथार्थ एवं उसकी विडंबनाओ का बोध कराती हुई हमसे संवाद करती है। अवंतिका एक ऐसा संसार रचना चाहती...
जनमत

योगी सरकार कानून-व्यवस्था के नाम पर कर रही वंचितों की जुबानबंदी

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प्रयागराज, 22 जुलाई 2025 गत 29 जून को करछना में हुए बवाल के बाद पुलिस द्वारा असंवैधानिक व बर्बर ढंग से की गई 70 से...
कविता

अरुण देव की कविताएँ मृत्‍यु की लौकिकता का संसार रचती हैं

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पंकज चौधरी मृत्‍यु के बाद जीवन को समाप्‍त मान लिया जाता है। माना जाता है कि मृत्‍यु के बाद जीवन की तमाम गतिविधियाँ और कारोबार...
पुस्तक

पवन करण के कविता संग्रह ‘स्त्री मुग़ल’ की पुस्तक समीक्षा

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अलका बाजपेयी ‘स्त्री मुगल’ ( राधाकृष्ण प्रकाशन, 2023) पवन करण जी की 100 कविताओं का एक संग्रह है जो कि मुग़ल साम्राज्य के भीतर रहने...
जनमत

सच की आवाज़ को चुप कराने की साज़िश

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पत्रकार अजीत अंजुम पर FIR के खिलाफ जन संस्कृति मंच का बयान वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम पर बिहार में दर्ज की गई FIR कोई अलग-थलग...
पुस्तक

विमल कुमार के काव्य संग्रह ‘मृत्यु की परिभाषा बदल दो’ की पुस्तक समीक्षा

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पवन करण इस दौर में कवि विमल कुमार की सक्रिय रचनात्मक निरंतरता उल्लेखनीय और आश्वस्तिकारी है। ‘सपने में एक औरत’ से बातचीत से बरास्ते ‘जंगल...
कविता

उद्देश्य कुमार की कविताएँ मध्यवर्गीय जीवन की एकरसता से जूझती हैं

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अनुराग यादव एक रचनाकार अगर वास्तव में समाज को एक नया नज़रिया, सोचने समझने का एक नया तरीका प्रदान करना चाहता है उसे अपनी दृष्टि...
पुस्तक

सुमेर सिंह राठौर की डायरी ‘बंजारे की चिठ्ठियाँ’ की पुस्तक समीक्षा

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पवन करण चिट्ठियाँ जो ख़ुद को भेजनी थीं, अपने डरों से लड़ने की कोशिश में, बंजारे की चिट्ठियाँ बन गईं- ‘बंजारे की चिट्ठियाँ’ पढ़ने के...

कृषि संकट को बढ़ा रही है मोदी सरकार की नीतियां

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मुसमरिया, जालौन। मोदी सरकार की कारपोरेट परस्त नीतियां कृषि संकट को इस कदर बढ़ा रही हैं कि अब यह  राजनीतिक संकट में बदल गया है।...
कविता

रोशन टोप्पो की कविताएँ आदिवासी परम्परा और विरासत के स्वर हैं

सन्ध्या नवोदिता रोशन टोप्पो आदिवासी जमीन के कवि हैं. आज भी आदिवासियों को अपनी बात अपने ही देशवासियों तक पहुँचाने के लिये अपनी भाषा की...
जनमत

दो युद्ध और वैश्विक शक्ति संतुलन के बदलने का संकेत

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जयप्रकाश नारायण  मई और जून में एशिया में दो बड़े युद्ध लड़े गए। एक भारत और पाकिस्तान के बीच जिसे भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के...
जनमत

प्रयागराज के करछना में बवाल नहीं, दलितों के खिलाफ बड़ी साजिश हुई : जांच रिपोर्ट

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प्रयागराज, 2 जुलाई। भाकपा (माले), आइसा और इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) की संयुक्त टीम ने प्रयागराज में करछना तहसील के इसौटा गांव का मंगलवार को...
कविता

संघमित्रा राएगुरू की कविताएँ सामाजिक और सांस्कृतिक संचेतना से सराबोर हैं

शिरोमणि महतो उड़ीसा की युवाकवि संघमित्रा राएगुरू उड़िया व हिंदी साहित्य से जुड़ी हुई हैं। दोनों भाषाओं में उनका समानाधिकार है। वह मुख्य रूप से...
पुस्तक

मुस्तफ़ा ख़ान के काव्यसंग्रह ‘पत्थरों की भाषा’ की पुस्तक समीक्षा

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पवन करण भाषा पत्थरों की मगर आहत नहीं करती किसी को: मुस्तफ़ा ख़ान की कविताएँ मुस्तफ़ा ख़ान लंबे समय से कविताएँ लिख रहे हैं। समय-समय...
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