जनमत अजय जी को याद करते हुएसमकालीन जनमतAugust 1, 2025August 1, 2025 by समकालीन जनमतAugust 1, 2025August 1, 20250373 जयप्रकाश नारायण अजय जी ने इस फानी दुनिया से विदा ले ली है। अपना सब कुछ इसी दुनिया में छोड़कर सीखते, समझते-बूझते और लड़ते हुए...
शख्सियत प्रेमचंद मानवीय मूल्यों को जीवित रखने वाले रचनाकार थे: जया जादवानीसमकालीन जनमतAugust 1, 2025 by समकालीन जनमतAugust 1, 2025043 11 स्कूलों के 180 बच्चों ने ईदगाह, बूढ़ी काकी और पंच परमेश्वर को कैनवास पर उतारा सबने माना…नफ़रत के इस भयावह दौर में बच्चों को...
जनमतसाहित्य-संस्कृति मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर बच्चों ने बनाया चित्रसमकालीन जनमतAugust 1, 2025August 1, 2025 by समकालीन जनमतAugust 1, 2025August 1, 2025054 राजकुमार सोनी रायपुर. जन संस्कृति मंच रायपुर और शिवम् एजुकेशन एकेडमी के संयुक्त तत्वावधान में 31 जुलाई को कथा और उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की...
जनमत ‘आपरेशन सिंदूर’ पर संसद में 16 घंटे की बहससमकालीन जनमतJuly 31, 2025July 31, 2025 by समकालीन जनमतJuly 31, 2025July 31, 2025086 जयप्रकाश नारायण 28 और 29 जुलाई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और उसके बाद घटित घटनाओं को लेकर संसद में 16 घंटे की बहस पूर्व निर्धारित कार्यक्रम...
जनमत भाजपा के राज में दलितों पर हमले की बढ़ी घटनाएंसमकालीन जनमतJuly 29, 2025July 29, 2025 by समकालीन जनमतJuly 29, 2025July 29, 20250122 29 जुलाई, लखनऊ। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी माले ने प्रयागराज समेत उत्तर प्रदेश में बढ़ रहे दलित समाज पर उत्पीड़न के खिलाफ लखनऊ हजरतगंज लखनऊ...
पुस्तक ‘गहन है यह अंधकारा’ की पुस्तक समीक्षासमकालीन जनमतJuly 27, 2025July 27, 2025 by समकालीन जनमतJuly 27, 2025July 27, 2025068 पवन करण कोई भी भाषा हो वह दुर्जनों की ज़बान से बोले जाते समय कसमसाती होगी। जो ग़लत और झूठ बोला जा रहा है और...
कविता अवंतिका सिंह की कविता यात्रा संभावनाओं भरी नई सुबह की तलाश में है।समकालीन जनमतJuly 27, 2025July 28, 2025 by समकालीन जनमतJuly 27, 2025July 28, 20250322 प्रज्ञा गुप्ता अवंतिका सिंह की कविताएँ सामाजिक यथार्थ एवं उसकी विडंबनाओ का बोध कराती हुई हमसे संवाद करती है। अवंतिका एक ऐसा संसार रचना चाहती...
जनमत योगी सरकार कानून-व्यवस्था के नाम पर कर रही वंचितों की जुबानबंदीसमकालीन जनमतJuly 22, 2025July 22, 2025 by समकालीन जनमतJuly 22, 2025July 22, 20250110 प्रयागराज, 22 जुलाई 2025 गत 29 जून को करछना में हुए बवाल के बाद पुलिस द्वारा असंवैधानिक व बर्बर ढंग से की गई 70 से...
कविता अरुण देव की कविताएँ मृत्यु की लौकिकता का संसार रचती हैंसमकालीन जनमतJuly 20, 2025July 20, 2025 by समकालीन जनमतJuly 20, 2025July 20, 20250259 पंकज चौधरी मृत्यु के बाद जीवन को समाप्त मान लिया जाता है। माना जाता है कि मृत्यु के बाद जीवन की तमाम गतिविधियाँ और कारोबार...
पुस्तक पवन करण के कविता संग्रह ‘स्त्री मुग़ल’ की पुस्तक समीक्षासमकालीन जनमतJuly 20, 2025July 22, 2025 by समकालीन जनमतJuly 20, 2025July 22, 2025087 अलका बाजपेयी ‘स्त्री मुगल’ ( राधाकृष्ण प्रकाशन, 2023) पवन करण जी की 100 कविताओं का एक संग्रह है जो कि मुग़ल साम्राज्य के भीतर रहने...
जनमत सच की आवाज़ को चुप कराने की साज़िशसमकालीन जनमतJuly 18, 2025July 18, 2025 by समकालीन जनमतJuly 18, 2025July 18, 20250180 पत्रकार अजीत अंजुम पर FIR के खिलाफ जन संस्कृति मंच का बयान वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम पर बिहार में दर्ज की गई FIR कोई अलग-थलग...
पुस्तक विमल कुमार के काव्य संग्रह ‘मृत्यु की परिभाषा बदल दो’ की पुस्तक समीक्षासमकालीन जनमतJuly 13, 2025July 13, 2025 by समकालीन जनमतJuly 13, 2025July 13, 2025051 पवन करण इस दौर में कवि विमल कुमार की सक्रिय रचनात्मक निरंतरता उल्लेखनीय और आश्वस्तिकारी है। ‘सपने में एक औरत’ से बातचीत से बरास्ते ‘जंगल...
कविता उद्देश्य कुमार की कविताएँ मध्यवर्गीय जीवन की एकरसता से जूझती हैंसमकालीन जनमतJuly 13, 2025July 13, 2025 by समकालीन जनमतJuly 13, 2025July 13, 20250250 अनुराग यादव एक रचनाकार अगर वास्तव में समाज को एक नया नज़रिया, सोचने समझने का एक नया तरीका प्रदान करना चाहता है उसे अपनी दृष्टि...
पुस्तक सुमेर सिंह राठौर की डायरी ‘बंजारे की चिठ्ठियाँ’ की पुस्तक समीक्षासमकालीन जनमतJuly 6, 2025July 7, 2025 by समकालीन जनमतJuly 6, 2025July 7, 2025073 पवन करण चिट्ठियाँ जो ख़ुद को भेजनी थीं, अपने डरों से लड़ने की कोशिश में, बंजारे की चिट्ठियाँ बन गईं- ‘बंजारे की चिट्ठियाँ’ पढ़ने के...
कृषि संकट को बढ़ा रही है मोदी सरकार की नीतियांसमकालीन जनमतJuly 6, 2025July 6, 2025 by समकालीन जनमतJuly 6, 2025July 6, 2025042 मुसमरिया, जालौन। मोदी सरकार की कारपोरेट परस्त नीतियां कृषि संकट को इस कदर बढ़ा रही हैं कि अब यह राजनीतिक संकट में बदल गया है।...
कविता रोशन टोप्पो की कविताएँ आदिवासी परम्परा और विरासत के स्वर हैंसमकालीन जनमतJuly 6, 2025 by समकालीन जनमतJuly 6, 20250447 सन्ध्या नवोदिता रोशन टोप्पो आदिवासी जमीन के कवि हैं. आज भी आदिवासियों को अपनी बात अपने ही देशवासियों तक पहुँचाने के लिये अपनी भाषा की...
जनमत दो युद्ध और वैश्विक शक्ति संतुलन के बदलने का संकेतसमकालीन जनमतJuly 3, 2025July 3, 2025 by समकालीन जनमतJuly 3, 2025July 3, 2025095 जयप्रकाश नारायण मई और जून में एशिया में दो बड़े युद्ध लड़े गए। एक भारत और पाकिस्तान के बीच जिसे भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के...
जनमत प्रयागराज के करछना में बवाल नहीं, दलितों के खिलाफ बड़ी साजिश हुई : जांच रिपोर्टसमकालीन जनमतJuly 2, 2025July 2, 2025 by समकालीन जनमतJuly 2, 2025July 2, 20250182 प्रयागराज, 2 जुलाई। भाकपा (माले), आइसा और इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) की संयुक्त टीम ने प्रयागराज में करछना तहसील के इसौटा गांव का मंगलवार को...
कविता संघमित्रा राएगुरू की कविताएँ सामाजिक और सांस्कृतिक संचेतना से सराबोर हैंसमकालीन जनमतJune 29, 2025 by समकालीन जनमतJune 29, 20250153 शिरोमणि महतो उड़ीसा की युवाकवि संघमित्रा राएगुरू उड़िया व हिंदी साहित्य से जुड़ी हुई हैं। दोनों भाषाओं में उनका समानाधिकार है। वह मुख्य रूप से...
पुस्तक मुस्तफ़ा ख़ान के काव्यसंग्रह ‘पत्थरों की भाषा’ की पुस्तक समीक्षासमकालीन जनमतJune 29, 2025June 29, 2025 by समकालीन जनमतJune 29, 2025June 29, 2025038 पवन करण भाषा पत्थरों की मगर आहत नहीं करती किसी को: मुस्तफ़ा ख़ान की कविताएँ मुस्तफ़ा ख़ान लंबे समय से कविताएँ लिख रहे हैं। समय-समय...