समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

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जनमत

मणिपुर के बतिया पर ओठ न हिलावे जी…

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रूपम मिश्र  (बिहार चुनाव में भाकपा मा-ले की भागीदारी पर रवीश कुमार की रपट पर एक टिप्पणी) रवीश कुमार की हाल ही की एक  रिपोर्ट...
ग्राउन्ड रिपोर्ट

पूर्वांचल में “अबकी परिवर्तन बा” को जमीन पर जैसा देखा

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के के पांडेय लोकसभा चुनाव 2024 का अब अंतिम चरण ही बचा है। जिसमें उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में शिव की काशी, लहुरी काशी यानी...
कविता

महादेव टोप्पो की कविताएँ आदिवासियत बचाने का संकल्प हैं

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प्रज्ञा गुप्ता महादेव टोप्पो साहित्य में आदिवासी विमर्श के प्रमुख स्वरों में एक हैं। महादेव टोप्पो स्पष्ट सोच एवं संवेदना के साथ अपनी अनुभूतियों को...
जनमत

सुरजीत सिंह पातर की कविताओं में ज़माने का दर्द बहुत ही शिद्दत से उभरता है

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अमरजीत कौंके पंजाबी के अज़ीम शायर सुरजीत पातर का जन्म 1945 में पंजाब के जालंधर जिला के गांव पत्तड़ कलां में हुआ। उन्होंने अपना तख़ल्लुस...
जनमत

मोदी दशक में हिंदी सिनेमा

समकालीन जनमत
जावेद अनीस यह भारतीय राजनीति और समाज के लिये भारी उठापटक भरा दौर है. साल 2014 के बाद से एक राष्ट्र और समाज के तौर...
स्मृति

समकालीन जनमत की तरफ से कामरेड कवि सुरजीत सिंह पातर को श्रद्धांजलि

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“तब मुझे क्या पता था कहने वाले सुनने वाले इस तरह पथराएँगे कि शब्द निरर्थक से हो जाएँगे, कॉमरेड कवि सुरजीत सिंह पातर नहीं रहे।...
कविता

सौम्य मालवीय की कविताएँ प्रतिरोधी चेतना से संपन्न हैं।

समकालीन जनमत
ललन चतुर्वेदी सौम्य की कविताओं को पढ़ते हुए पूरे विश्वास से कह सकता हूँ कि उनकी कविताओं की प्रतिरोधी चेतना में एक न‌ई धार आयी...
जनमत

मोदी दशक के बाद भारत का लोकतंत्र

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जावेद अनीस पूर्ण बहुमत से सत्ता में आई पहली हिंदुत्ववादी सरकार के एक दशक पूरे हो चुके हैं, इस दौरान नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में...
जनमतपुस्तकसाहित्य-संस्कृति

उम्मीद की रौशनी दिखाती कविताएँ

दीना नाथ मौर्य ‘सहसा कुछ नहीं होता’ बसंत त्रिपाठी का ज्ञानपीठ से प्रकाशित संग्रह है. ‘स्वप्न से बाहर, सन्नाटे का स्वेटर, हम चल रहे हैं....
कविता

आदित्य शुक्ल की कविताएँ सर्जनात्मकता की आँच में तप कर निखरी हैं

निरंजन श्रोत्रिय विद्रूपताओं के प्रति हर गुस्सा यूँ तो जायज है लेकिन यदि उसे सर्जनात्मक आँच में और तपा दिया जाए तो फिर वह सार्थक...
जनमतपुस्तकसाहित्य-संस्कृति

किताब पर बातचीत: पहाड़गाथा

इलाहाबाद, शहर के मेयो हाॅल स्थिति अंजुमन ए रूहे अदब के सभागार में किताब पर बातचीत  के अंतर्गत ‘पहाड़गाथा’ उपन्यास पर बातचीत आयोजित की गयी।  शुरुआत...
जनमत

चार श्रम कोड रद्द कर पुराने श्रम कानूनों को बहाल किया जाय

चकिया, 1 मई इंकलाब जिंदाबाद, शिकांगो के अमर शहीदों को लाल सलाम, 1मई मजदूर दिवस अमर रहे,दुनियां के मेहनतकशों एक हों,अमेरिकी साम्राज्यवाद मुर्दाबाद, सामंतवाद पुंजीबाद...
जनमत

लखनऊ में मई दिवस का आयोजन

लखनऊ, 01 मई 2024 सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के तत्वावधान में अन्तर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस का आयोजन अपर श्रमायुक्त कार्यालय लखनऊ प्रांगण में स्थित...
जनमत

जफर आगा : पत्रकारिता के मेयार और आधुनिक पारदर्शी इंसान

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इलाहाबाद । 29 अप्रैल को कौमी आवाज, नेशनल हेराल्ड जैसे अखबारों के संपादक रहे जफर आगा साहब की स्मृति में करेली के ए एम ऑक्सफोर्ड...
कविता

ब्रज श्रीवास्तव की कविताएँ समकालीन बोध से संपृक्त हैं

समकालीन जनमत
ख़ुदेजा ख़ान   समय बदलता है और बदल जाता है हमारे आसपास का परिवेश, वातावरण, पर्यावरण, संबंध और सामाजिक सरोकार इतना ही नहीं आर्थिक, राजनीतिक...
जनमतज़ेर-ए-बहस

बायोपिक चमकीला- लोकभाषा पर एक विमर्श

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रूपम मिश्र अभी इम्तियाज अली ने पंजाब के लोकगायक अमर सिंह चमकीला पर बायोपिक फ़िल्म बनायी। फ़िल्म में अमर सिंह चमकीला के कुछ गीतों को...
ख़बर

स्त्री अधिकार और डॉ. अंबेडकर

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दिनांक 14 अप्रैल 2024 को बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की 133 वीं जयंती के उपलक्ष्य में सुल्तानपुर के बरामदपुर गांव में ‘स्त्री अधिकार और अंबेडकर’...
कविता

शोभा अक्षर की कविताएँ मानवता के पक्ष में मज़बूती से खड़ी होती हैं

समकालीन जनमत
प्रज्ञा गुप्ता वस्तुतः सौंदर्य एवं प्रेम की रक्षा के लिए हम संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ते हैं। जिस कवि में सौंदर्य की भावना जितनी...
कविता

जसम का लेखक के घर चलो अभियान

समकालीन जनमत
शनिवार, 13 अप्रैल 2024 कवि- हरीशचन्द्र पांडे अपने शहर इलाहाबाद में रचनारत लेखकों की रचनाओं के साथ उनके जीवन, उनके घर-परिवार को जानना, उनकी रचना...
सिनेमा

आत्मपॅम्फ्लेट – भारत की अपनी फॉरेस्ट गंप जो मराठी में बनी है

समकालीन जनमत
जावेद अनीस साल 2022 रिलीज हुयी आमिर खान की फिल्म लाल सिंह चड्ढा हॉलीवुड की कल्ट कलासिक फिल्म फॉरेस्ट गंप (1994) की आधिकारिक रिमेक थी,...
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