समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

1314 Posts - 0 Comments
कविता

रूपम मिश्र का कविता पाठ : कविता जीवन के आवेग से पैदा होती है

समकालीन जनमत
इलाहाबाद। जन संस्कृति मंच, इलाहाबाद द्वारा तीन मार्च को मेयो हाॅल के पास स्थित अंजुमन-रूह-ए-अदब के हॉल में कविता पाठ और परिचर्चा का आयोजन हुआ।...
ख़बर

मानदेय बढ़ाने और परमानेंट करने की मांग को लेकर आशाओं ने प्रदर्शन किया

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन (ऐक्टू) के आह्वाहन पर आज सदर तहसील प्रयागराज पर आशाओं ने प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।...
ख़बर

देश सबसे कठिन दौर में, सामाजिक बदलाव की विभिन्न धाराओं को एकजुट होना होगा: दीपंकर भट्टाचार्य

जगजीवन राम स्मृति व्याख्यानमाला के तहत ‘बिहार में सामाजिक बदलाव की चुनौतियां’ विषय पर आयोजित हुआ सेमिनार पटना। जगजीवन राम स्मृति व्याख्यानमाला के अंतर्गत 26...
साहित्य-संस्कृति

भारतीय फासीवाद के मूल में सांस्कृतिक पर्यावरण पर वर्णाश्रम के संस्कारों का प्रभुत्व कायम करना

समकालीन जनमत
लखनऊ। जन संस्कृति मंच लखनऊ के वार्षिक आयोजन के तहत पहले सत्र में अनिल सिन्हा स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 25 फरवरी...
ख़बर

कोसी पीपुल्स कमीशन की रिपोर्ट जारी, कोसी के लिए ठोस नीति बनाए सरकार – मेधा पाटकर 

समकालीन जनमत
कोसी के लिए अलग से बजट बनाए सरकार-डॉ विद्यार्थी विकास कोसी जन आयोग के रिपोर्ट को विधानसभा में मजबूती से उठाएंगे – संदीप सौरभ (...
ख़बर

नेहा सिंह राठौड़ को नोटिस अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला -जन संस्कृति मंच

लोकप्रिय गायिका नेहा सिंह राठौड़ को उनके नये गीत पर नोटिस देकर कार्रवाई की चेतावनी दिये जाने की जन संस्कृति मंच ने निंदा करते हुए...
ख़बर

माले के महाधिवेशन में प्रतिरोधी साहित्य-संस्कृति-कला की झलक देखने को मिली

पटना। भाकपा माले के महाधिवेशन में देश के विभिन्न राज्यों और विभिन्न भाषाओं में सृजित प्रतिरोधी साहित्य-संस्कृति-कला की झलक देखने को मिली। महाधिवेशन में पश्चिम बंगाल,...
ख़बर

बिहार का महागठबंधन सामाजिक व वैचारिक ताकतों का व्यापकतम गठबंधन : दीपंकर भट्टाचार्य

समकालीन जनमत
पटना. आज पटना में भाकपा-माले के लगातार पांचवीं बार महासचिव निर्वाचित हुए का. दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि बिहार का महागठबंधन व्यापकतम सामाजिक-राजनीतिक व वैचारिक ताकतों...
ख़बर

राष्ट्रीय कन्वेंशन में भाजपा को गद्दी से उतार फेंकने के लिए व्यापक एकजुटता का आह्वान

समकालीन जनमत
कन्वेंशन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद, तमिलनाडु से थोल. थिरुमावलवन सहित कई नेताओं ने लिया...
स्मृति

सी बी सिंह : आंदोलनों की आंच में तपा काॅमरेड

समकालीन जनमत
स्मृति दिवस (15 फरवरी) कॉमरेड सी बी सिंह का निधन पिछले साल आज के दिन 15 फरवरी को हुआ था। वे ‘समाज के, समाज के...
ग्राउन्ड रिपोर्ट

खिरियाबाग़ आन्दोलन : चार माह में और मजबूत हुई जमीन बचाने की लड़ाई

समकालीन जनमत
माही    पिछले 4 महीने से लगातार उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के खिरियाबाग़ में प्रस्तावित मंदूरी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे के लिये ज़मीन अधिग्रहण के विरोध...
ख़बर

‘ का. (प्रो.) अरविंद कुमार सिंह हमारी यादों में ’ पुस्तिका का लोकार्पण

समकालीन जनमत
पटना। ‘‘20 वर्षों के अंतराल के बाद पटना में आज जब हम भाकपा-माले के 11 वें महाधिवेशन की तैयारी में लगे हुए हैं, हमारे बीच का....
ख़बर

बिहार की गौरवशाली परंपरा और आधुनिक बिहार के लिए संघर्ष की दास्तान है माले की स्मारिका

समकालीन जनमत
पटना। भाकपा-माले के 11 वें महाधिवेशन (15-20 फरवरी, पटना) के अवसर पर आठ फरवरी को गांधी मैदान स्थित आइएमए हाॅल में स्मारिका का लोकार्पण किया...
सिनेमा

समाज से सवाल करती फिल्में सेम्बी और वध

समकालीन जनमत
प्रशांत विप्लवी 2020 के अंतिम माह में बाल-शोषण पर दो फिल्में आईं– सेम्बी और वध। सेम्बी तमिल भाषा की फ़िल्म है और वध हिन्दी मुख्यधारा...
ख़बर

प्रतिरोध की संस्कृति और बौद्ध दर्शन विषय पर तुलसीराम स्मृति व्याख्यानमाला का आयोजन

समकालीन जनमत
शिवानी 5 फरवरी 2023, रविवार आज सप्रू हॉल, अंजुमन रूह-ए-अदब इलाहाबाद में जन संस्कृति मंच, इलाहाबाद द्वारा तुलसीराम व्याख्यानमाला की श्रृंखला का 7वाँ कार्यक्रम ‘प्रतिरोध...
साहित्य-संस्कृति

प्रतिरोध के बिना कोई कविता समकालीन नहीं हो सकती : डॉ. राकेश शर्मा

सातवें गोरख स्मृति आयोजन में कविताओं और गीतों का पाठ पटना। ‘‘जो कविता सत्ता और व्यवस्था से तथा अंधेरे से समझौता करके चलती है, वह प्रतिरोध...
साहित्य-संस्कृति

संगम नगरी में ‘ सिरजन ’

समकालीन जनमत
माही  बच्चों के समाजीकरण में तमाम संगठनों, संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यूं तो ये जिम्मा स्कूल नामक शैक्षणिक संस्थाओं का सबसे अधिक माना...
Fearlessly expressing peoples opinion