समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

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साहित्य-संस्कृति

खनकने लगी हैं गुल की मोहरें

पीयूष कुमार फिर से दिन आ गए खिल के खिलखिलाते गुलमोहर के। वसंत की अगवानी में सेमल और पलाश की ललाई कम हो गयी थी...
साहित्य-संस्कृति

मुकुल सरल की ग़ज़लें और नज़्म लोकतंत्र की स्थिति, मानवता और प्रेम को व्याख्यायित और पुनर्व्याख्यायित करती हैं

राज वाल्मीकि नई दिल्ली। “इस किताब में बहुतों की आवाज़ शामिल है। इसमें मुल्क के आज के हालात को शामिल किया गया है। मुकुल सरल...
कविता

फ़रीद इस समय की कविता के प्रखर स्वर हैं : आलोक धन्वा

पटना। “फ़रीद इस समय की कविता के प्रखर स्वर हैं। इधर अच्छी कविताएँ लिखीं जा रहीं हैं, कविताएँ लिखी जानी चाहिए। ये कविताएँ सामने आ...
जनमत

आलोचना की विश्वसनीयता की चिंता करने वाले लेखक थे रामनिहाल गुंजन

रामनिहाल गुंजन स्मृति आयोजन रेडक्रॉस सभागार, आरा में 22 अप्रैल 2023 को जन संस्कृति मंच की ओर से जसम बिहार के पूर्व अध्यक्ष कवि-आलोचक रामनिहाल...
ख़बर

“ जाति और वर्ण व्यवस्था सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का आधार ”

समकालीन जनमत
लखनऊ। अंबेडकर जयंती के मौके पर 16 अप्रैल को जन संस्कृति मंच की ओर से ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और सामाजिक न्याय आंदोलन’ विषय पर यूपी प्रेस...
जनमत

पत्रकार डॉ भीमराव अम्बेडकर

पीयूष कुमार बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर एक विद्वान अर्थशास्त्री, विधिवेत्ता, समाजसुधारक, राजनीतिज्ञ और लेखक होने के साथ एक सफल पत्रकार एवं प्रभावी सम्पादक भी...
ख़बर

मोदी सरकार का अमृतकाल स्थायी आपातकाल का ही दूसरा नाम : दीपंकर भट्टाचार्य

नैनीताल। भाकपा माले की उत्तराखण्ड राज्य कमेटी द्वारा 10 अप्रैल को नैनीताल में “वर्तमान समय में लोकतंत्र के समक्ष चुनौतियां” विषय पर व्याख्यान का आयोजन नैनीताल...
ज़ेर-ए-बहस

स्तंभकार के रूप में आरएसएस-भाजपा के नेता

समकालीन जनमत
अजाज़ अशरफ (वरिष्ठ पत्रकार अजाज़ अशरफ का यह लेख मिड डे में प्रकाशित हुआ है। समकालीन जनमत के पाठकों के लिए इसका हिंदी अनुवाद इन्द्रेश...
ख़बर

जन एकता और जन कार्रवाई से फासीवाद को जवाब दें : दीपंकर भट्टाचार्य

समकालीन जनमत
लखनऊ। “ भारतीय आजादी ने नागरिकों को अधिकार संपन्न बनाया लेकिन मोदी राज में मात्र कर्तव्य की बात हो रही है। हम अधिकारों के हनन...
साहित्य-संस्कृति

गज़लें लोकतांत्रिक मूल्यों के पक्ष में खड़ी हैं – डॉ जीवन सिंह

समकालीन जनमत
लखनऊ। जन संस्कृति मंच के सहयोग से ‘रेवान्त’ पत्रिका की ओर से चर्चित जनवादी गजलकार डी एम मिश्र (सुल्तानपुर) के नवीनतम ग़ज़ल संग्रह ‘समकाल की...
पुस्तक

अशोक चन्द्र की किताब ‘ स्वर्ग की यातना ’ : जन्नत के ज़ख़्म पर जिरह करती एक किताब

समकालीन जनमत
लखनऊ। ‘ कश्मीर जो कभी धरती का स्वर्ग माना जाता था, वह आज यातना शिविर में बदल चुका है। उसे अंग भंग कर लहूलुहान किया...
ख़बर

सामाजिक कार्यकर्ताओं व जन संगठनों का 2024 के लिए आह्वान –भाजपा भगाओ, लोकतंत्र, संविधान और देश बचाओ

रांची। लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान व झारखंड जनाधिकार महासभा द्वारा 21-22 मार्च को बगईचा, रांची में 2024 की राजनैतिक चुनौती व रणनीति पर दो-दिवसीय लोकतंत्र बचाओ...
ख़बर

हजारों आशा व फैसिलिटेटर का पटना में प्रदर्शन, 21 हजार मानदेय और कर्मचारी घोषित करने की मांग

समकालीन जनमत
पटना। ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा की रीढ़ आशाओं की कोरोना काल मे सराहनीय भूमिका की चर्चा विश्व स्वास्थ्य संगठन तथा पटना उच्च न्यायालय तारीफ की है। बार...
कविता

विमल किशोर की कविताओं में स्त्री मुक्ति की आकांक्षा – उषा राय

लखनऊ। लखनऊ पुस्तक मेले में , 18 मार्च को विमल किशोर के कविता संग्रह ‘पंख खोलूं उड़ चलूं’ का विमोचन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन...
पुस्तक

नागरिकता बनाम मनुष्यता का अप्रतिहत आख्यान : अमर देसवा

समकालीन जनमत
कार्तिक राय चर्चित कहानियाँ ‘ छबीला रंगबाज़ का शहर ’ और ‘ वास्को डी गामा की साईकिल ’ से अपनी पहचान बना चुके प्रवीण कुमार...
ख़बर

लोकतंत्र, संविधान और बहुलतावाद की रक्षा के लिए खड़े होने की जरूरत : राम शरण जोशी

समकालीन जनमत
मऊ. हुल सांकृत्यायन सृजन पीठ परिसर में 12 मार्च को एक आयोजन में मऊ जनपद के सभी स्वतंत्रता सेनानियों के  स्मारक का लोकार्पण किया गया।...
कविता

रूपम मिश्र का कविता पाठ : कविता जीवन के आवेग से पैदा होती है

समकालीन जनमत
इलाहाबाद। जन संस्कृति मंच, इलाहाबाद द्वारा तीन मार्च को मेयो हाॅल के पास स्थित अंजुमन-रूह-ए-अदब के हॉल में कविता पाठ और परिचर्चा का आयोजन हुआ।...
ख़बर

मानदेय बढ़ाने और परमानेंट करने की मांग को लेकर आशाओं ने प्रदर्शन किया

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन (ऐक्टू) के आह्वाहन पर आज सदर तहसील प्रयागराज पर आशाओं ने प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।...
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