समकालीन जनमत
ख़बर

भीम आर्मी जिलाध्यक्ष के भाई की हत्या के विरोध में माले का लखनऊ, इलाहाबाद, गाजीपुर, मऊ और जालौन में प्रदर्शन

लखनऊ. नौ मई को सहारनपुर में सामंती ठाकुरों द्वारा महाराणा प्रताप जयंती मनाने के मौके पर पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में भीम आर्मी जिलाध्यक्ष के भाई सचिन वालिया की गोली लगने से मौत को ‘सुनियोजित हत्या’ बताते हुए भाकपा (माले) ने 10 मई को लखनऊ, इलाहाबाद, गाजीपुर, मऊ और जालौन में विरोध प्रदर्शन किया।

इसके पहले, घटना वाले दिन पार्टी की राज्य इकाई ने लखनऊ में बयान जारी कर कहा कि यह हत्या योगी सरकार में सामंती दबंगों के बढ़े हुए मनोबल का परिणाम है और इसके लिए प्रदेश सरकार जिम्मेदार है।

पिछले साल इसी मौके पर जिले के शब्बीरपुर में दलितों पर ठाकुरों का हिंसक हमला, आगजनी व ह्त्या की घटना हुई थी। उसके विरोध में दलितों के प्रदर्शन पर भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर रावण व अन्य दलितों को रासुका में जेल भेजे जाने के बाद से पूरे इलाके में तनाव मौजूद था।

ऐसे में दलित आबादी वाले रामपुर गांव में भीम आर्मी की आपत्ति के बावजूद असलहों के प्रदर्शन के साथ ठाकुरों को राणाप्रताप की जयंती मनाने की अनुमति दी ही क्यों गयी। इसमें प्रशासन की संलिप्तता लगती है। अब हत्या को दुर्घटना का रंग देने के लिए प्रशासन पूरे मामले पर लीपापोती करने में जुट गया है।

10 मई को लखनऊ में हजरतगंज स्थित अम्बेडकर प्रतिमा पर माले ने धरना देकर उक्त मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर हत्यारों को जेल भेजने, जिम्मेदार पुलिस के अधिकारियों-कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने, मृतक के परिवारजनों को 50 लाख रु मुआवजा देने, भीम आर्मी नेता चंद्रशेखर ‘रावण’ को रिहा करने, एससी-एसटी कानून को उसके पुराने रूप में बहाल करने और दो अप्रैल भारत बंद के दिन और उसके बाद बन्द समर्थक आंदोलनकारियों पर कायम किये गए सभी मुकदमे निरस्त करने की मांग की।

गाजीपुर में मार्च निकालकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा गया। इलाहाबाद में आइसा ने आनंद भवन के पास बालसन चौराहे पर प्रदर्शन किया।

मऊ में भाकपा(माले)और इकंलाबी नौजवान सभा ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर मांगपत्र दिया। जालौन में नारों के साथ मार्च कर ज्ञापन दिया गया।

Related posts

Fearlessly expressing peoples opinion

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy