Image default
जनमत

बैठक का बहिष्कार कर किसान नेताओं ने कृषि कानूनों की प्रतियां फाड़ी, वार्ता के नाम पर छलावा करने का आरोप लगाया

नई दिल्ली। केंद्र द्वारा वार्ता के लिए दिल्ली बुलाये गए आंदोलित पंजाब के 29 किसान संगठनों के साथ आज हुई वार्ता विफल हो गई है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के सचिव के साथ हुई इस वार्ता में केंद्र सरकार ने तीन किसान कानूनों पर कोई चर्चा करने के बजाए किसान नेताओं को पास कानूनों के पंजाबी अनुवाद की प्रतियां यह कह कर पकड़ा दी की इन्हें पढो क्योंकि ये कानून किसान हित में हैं। किसान नेताओं ने वार्ता में केंद्रीय मंत्रियों की अनुपस्थिति पर कड़ा एतराज जताया।
केंद्र के इस रवैये से वार्ता के लिए गए सभी केसान नेता भड़क गए। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए बैठक का बहिष्कार किया और बाहर आ गए। कृषि भवन के बाहर किसान नेताओं ने तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां फाड़ी और काफी देर तक तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। वहाँ किसान नेताओं की पुलिस से भी झड़प हुई।
किसान नेता चंडीगढ़ को लौट गए हैं। कल चंडीगढ़ में पंजाब के आंदोलित किसान संगठनों की संयुक्त बैठक है। उसमें आंदोलन की अगली रणनीति पर फैसला होगा। बैठक के बहिष्कार के बाद वार्ता करते किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड रुलदू सिंह।

Related posts

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy