समकालीन जनमत

Tag : Kavita Krishanan

ज़ेर-ए-बहस

बीजेपी के लिए वोट गोडसे के लिए वोट है

कविता कृष्णन
  आइए मोदी को याद दिलाएं –: 1947 में उनके नायक गोलवलकर ने कहा था कि यदि आरएसएस को मजबूर किया गया तो वह भारत...
ज़ेर-ए-बहस

समलैंगिक और ट्रांस जेंडर लोगों के सम्मान और बराबरी के अधिकार पर हमला है सेक्शन 377

कविता कृष्णन
1917 के रूसी क्रांति के बाद रूस की क्रांतिकारी सरकार ने समलैंगिकता को अपराध के दायरे से बाहर किया. भारत में समलैंगिकता को अपराध बनाने...
जनमत ज़ेर-ए-बहस शख्सियत

माँ तुझे सलाम !

कविता कृष्णन
(माँ केवल ममता का ही खज़ाना नहीं है बल्कि समझदारी का भी स्रोत होती है.  समाज के बारे में, नैतिकता, यौनिकता, सही और गलत के...
Fearlessly expressing peoples opinion

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy