पुस्तक हृषीकेश सुलभ के उपन्यास ‘दाता पीर’ की पुस्तक समीक्षासमकालीन जनमतAugust 3, 2025August 3, 2025 by समकालीन जनमतAugust 3, 2025August 3, 20250131 पवन करण दाता पीर एक सुनार का बेटा था। चाँद के टुकड़े जैसा सुंदर। उसने आवाज़ लगाई कि कुछ गढ़वा लो, कुछ बनवा लो। उसने...