Tag : सविता सिंह

कविता जनमत साहित्य-संस्कृति

प्रेम के निजी उचाट से लौटती स्त्री की कविता : विपिन चौधरी की कवितायेँ

उमा राग
  विपिन की कवितायेँ लगातार बाहर-भीतर यात्रा करती हुईं एक ऐसी आंतरिकता को खोज निकालती हैं जो स्त्री का अपना निजी उचाट भी है और दरख्तों,...
कविता जनमत साहित्य-संस्कृति

पराजय को उत्सव में बदलती अनुपम सिंह की कविताएँ

समकालीन जनमत
(अनुपम सिंह की कविताओं को पढ़ते हुए ऐसा लगता है जैसे वे अपने साथ हमें पितृसत्ता की एक बृहद प्रयोगशाला में लिए जा रहीं हैं...
कविता जनमत साहित्य-संस्कृति

इस क्रूरता पर हम सिर्फ़ रोयेंगें नहीं: सविता सिंह

उमा राग
सविता सिंह  आज कल मेरी सैद्धांतिक समझ इस बात को समझने में खर्च हो रही है कि किसी देश में छोटी बच्चियों के साथ इतना घिनौना...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy