समकालीन जनमत

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मुक्तिबोध की कविताएं आज के अंधेरे में मशाल की तरह हैं

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  इलाहाबाद विश्वविद्यालय के बरगद लॉन में बुधवार को छात्रों की साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था ‘परिवेश’ के तहत गजानन माधव मुक्तिबोध की जयंती की याद में एक...
जनमतपुस्तकसाहित्य-संस्कृति

उर्दू इसी देश की बोली-भाषा है

दुर्गा सिंह
  भाषा का सवाल मानव सभ्यता के इतिहास में हमेशा अहम रहा है। एक तो भाषा में ही कोई संस्कृति ज्यादा स्थायित्व पाती है, दूसरे...
जनमतसाहित्य-संस्कृति

छत्तीसगढ़ में जन संस्कृति मंच ने मनाया स्थापना समारोह

समकालीन जनमत
छत्तीसगढ़ में जन संस्कृति मंच ने किसानों-मजदूरों और ग्रामीण बच्चों के बीच मनाया स्थापना समारोह बंगोली गांव में बच्चों के बीच वितरित की गई साहित्यिक...
जनमतपुस्तकसाहित्य-संस्कृति

सामाजिक सरोकारों, संवेदनाओं और काव्य-रसों से सराबोर उपन्यासिका ‘माई रे’  

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आलोक कुमार श्रीवास्तव   उपन्यास को जीवन का महाकाव्य कहा गया है। काव्यशास्त्र कहता है कि जीवन के रस ही कविता में आकर पाठक या...
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घुटूवा गोलीकांड : पुलिस जुल्म के विरुद्ध प्रतिरोध की गाथा

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सुरेन्द्र कुमार बेदिया झारखंड की मिट्टी सदियों से संघर्षो की गवाह रही है। यह धरती केवल खनिज संपदा, हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए ही...
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दलित उत्पीड़न की घटनाओं पर लेखक-कलाकार संगठनों ने क्षोभ व्यक्त किया, न्याय की गारंटी करने को कहा

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नई दिल्ली। हम देखेंगे : अखिल भारतीय सांस्कृतिक प्रतिरोध अभियान ने देश में दलित उत्पीड़न की घटनाओं पर गंभीर चिंता जाहिर करते हुए पीड़ितों को...
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आइसा का 26 वाँ इकाई सम्मेलन सम्पन्न

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  आइसा का 26 वाँ इकाई सम्मेलन सम्पन्न हुआ। 85 सदस्यों की परिषद चुनी गई जिसने सोनाली को अध्यक्ष और भानु को सचिव चुना। चुनी...
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सिसकता लेह

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लद्दाख को राज्य का दर्ज़ा देने और छठी अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग के फलस्वरूप उपजी हिंसा और पुलिसिया बर्बरता के बाद लेह...
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द्योलीडांडा शिल्पकार सम्मेलन(शताब्दी समारोह)

समकालीन जनमत
हेमन्त कुमार  आज से ठीक सौ साल पहले अपने मूलभूत अधिकारों के लिए संघर्षरत दलित समुदाय के अग्रणी नेता राय बहादुर मुंशी हरि प्रसाद टम्टा...
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नेपाल : जेन-ज़ी आंदोलन क्या कोई राजनीतिक दिशा तय कर पाएगा

मनोज कुमार सिंह
ज़ेन-ज़ी आंदोलन के दौरान व्यापक हिंसा, तोड़फोड़, लूट-पाट और केपी ओली सरकार के पतन के बाद नेपाल के हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। पूर्व...
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अखबार में आ जाएगा

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दिनेश अस्थाना    राहत इंदौरी साहब का एक मशहूर शेर है:- बन के इक हादसा बाज़ार में आ जाएगा                                         जो नहीं होगा...
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साझा बयान में “ मैं मीडिया ” के पत्रकारों पर हमले के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

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पटना (बिहार)। ” मैं मीडिया” के पत्रकारों पर विशेष मतदाता गहन पुनरीक्षण (SIR) की रिपोर्टिंग के दौरान बिहार के किशनगंज में भीड़ द्वारा हमला करने...
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पंचायत: एपिसोडिक शो से गंभीर ड्रामा तक

महेश सिंह भारतीय सिनेमा के विशाल परिदृश्य में अक्सर अपराध, हिंसा और ग्लैमर वाली फिल्मों का ही बोलबाला रहा है, लेकिन अमेज़ॅन प्राइम वीडियो पर...
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एनसीईआरटी की ‘विभाजन विभीषिका’ अंग्रेज शासकों-हिंदू महासभा-आरएसएस के अपराधों पर पर्दा डालने की बेशर्म कोशिश

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शम्सुल इस्लाम    शिक्षा से जुड़ी एक प्रचलित कहावत है कि अगर किसी अयोग्य व्यक्ति को शिक्षक नियुक्त किया जाता है, तो छात्रों की कई...
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‘संयुक्त-चुनाव विधेयक चुनाव आयोग को खुला खेल करने की छूट दे देता है’’

समकालीन जनमत
भारत के पूर्व मुख्य-न्यायाधीश संजीव खन्ना ने इस विधेयक की समीक्षा से सम्बन्धित संसदीय-समिति को अपने विचारों से अवगत कराया : उनका कहना है कि...
जनमतज़ेर-ए-बहस

लाल किले से आरएसएस को वैधता या लोकतंत्र विरोधी प्रतिक्रांति की घोषणा

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जयप्रकाश नारायण    आजाद लोकतांत्रिक धर्मनिरपेक्ष भारत स्वतंत्रता का 78 वां वर्ष पूरा करते-करते अपने प्रतिलोम में बदल गया है। 15 अगस्त को लाल किले...
जनमतशख्सियतसाहित्य-संस्कृति

मैं लेखन के लिए ही बना हूँ

  ‘लेखक से मिलिए’ अभियान के अंतर्गत जन संस्कृति मंच, आज़मगढ़ इकाई 17 अगस्त 2025 को प्रतिष्ठित लेखक पंकज गौतम के घर पहुंची। पंकज गौतम...
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मोदी के भारत का स्वतंत्रता दिवस : जब सवाल पूछना देशद्रोह बन जाए

शांतम निधि  15 अगस्त की सुबह, स्वतंत्रता दिवस पर, लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र संगठनों — आइसा, बापसा, बीएएसएफ, एनएसयूआई और एससीएस — ने मिलकर मार्च...
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राष्ट्रीय तिरंगा झण्डा और आरएसएस का अवसरवाद

समकालीन जनमत
शम्सुल इस्लाम    आरएसएस-भाजपा शासकों ने भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ नारा देकर देशवासियों से राष्ट्रीय ध्वज, तिरंगा फहराने...
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झारखंड की राजनीति, संस्कृति और आदिवासी अस्मिता के प्रतीक थे दिशुम गुरू शिबू सोरेन

समकालीन जनमत
सुरेन्द्र कुमार बेदिया / देवकीनंदन बेदिया कम्युनिष्ट पार्टियों को छोडकर भारतीय राजनीति में ऐसे विरले नेता होते हैं जिनकी पहचान राजनीतिक पद से इतर उनके...
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