जनमत नेह का युग भी आयेगासमकालीन जनमतOctober 4, 2026October 4, 2026 by समकालीन जनमतOctober 4, 2026October 4, 20260204 आलोक कुमार श्रीवास्तव पटना, 20 सितंबर 2026। पच्चीस-छब्बीस साल पहले कुछ दिनों अखबार में काम किया था, तब इस तरह खबर लिखने की शुरुआत...
जनमतपुस्तकसाहित्य-संस्कृति सामाजिक सरोकारों, संवेदनाओं और काव्य-रसों से सराबोर उपन्यासिका ‘माई रे’ समकालीन जनमतNovember 2, 2025November 2, 2025 by समकालीन जनमतNovember 2, 2025November 2, 20250106 आलोक कुमार श्रीवास्तव उपन्यास को जीवन का महाकाव्य कहा गया है। काव्यशास्त्र कहता है कि जीवन के रस ही कविता में आकर पाठक या...
कविता शैतान शासक की आकुल आत्मा का ‘चुपचाप अट्टहास’समकालीन जनमतMarch 10, 2018June 23, 2020 by समकालीन जनमतMarch 10, 2018June 23, 202003876 (कवि लाल्टू के कविता-संग्रह ‘ चुपचाप अट्टहास ’ पर युवा लेखक आलोक कुमार श्रीवास्तव की टिप्पणी. ) किसी देश की जनता के लिए यह जानना...