मोनालिसा : तस्वीर के कई और रंग भी हैं

( मोनालिसा को लेकर  शताब्दी से भी ज्यादा समय से कई किस्म के  विवाद चलते रहे हैं।  कई इसे एक साधारण सा चित्र मानते हैं, जिसे मीडिया द्वारा इस कारण से उछाला गया ताकि फ्रांस के लूव्र कला संग्रहालय का नाम हो सके जहाँ यह चित्र प्रदर्शित है। इसके विपरीत कुछ इसे चित्रकला की सबसे नायाब कृति मानते हैं. इस चित्र पर असंख्य कथाओं के साथ-साथ, इस चित्र के तरह-तरह के विश्लेषणों को वर्षों से हम सुनते-पढ़ते आ रहें है. इस बार के तस्वीरनामा में अशोक भौमिक ‘मोनालिसा’ चित्र को…

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कला बाजार का एक ऐतिहासिक दस्तावेज़

यह चित्र हालाँकि अपने ऐतिहासिकता के लिए चर्चित रहा है और अमरीका में दासप्रथा का दस्तावज है , पर साथ ही यह बिना किसी लाग लपेट के, ‘चित्र’ को एक विपणन योग्य पण्य ( मार्केटेबल कमोडिटी) के रूप में स्थापित भी करता है ( हालाँकि यह इस चित्र का प्राथमिक उद्देश्य नहीं है ) , और इसी कारण से यह चित्र एक नए अर्थ के साथ चित्रकला के इतिहास में अपने को एक महत्व दस्तावेजी चित्र होने का दावा पेश करता है.

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घाट पर प्रतीक्षा : ज़ैनुल आबेदिन का एक महान चित्र

सदियों से चित्रकला में ऐसे सहज-सरल लोगों की जिन्दगियों से जुड़े साधारण विषयों पर कभी किसी ने चित्र बनाने की जरूरत नहीं समझी. ज़ैनुल आबेदिन उन चित्रकारों में प्रमुख थे जिन्होंने अपने चित्रों में ऐसे साधारण से लगने वाले विषयों पर असाधारण चित्र बना कर , दर्शकों को चित्रकला की नयी संभावनाओं के साथ परिचित कराया.

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