मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी : सर्वोच्‍च न्‍यायालय की निगरानी में एस.आई.टी. द्वारा जांच ही उचित

यह संतोषजनक है कि पुणे पुलिस द्वारा बिना जांच किये ही आरोप लगा कर जेल भेजने की सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने अनुमति नहीं दी और उन्‍हें हाउस अरेस्‍ट में ही रखा, लेकिन बेहतर होता कि सर्वोच्‍च न्‍यायालय की निगरानी में एस.आई.टी. द्वारा जांच करवाई जाती क्‍योंकि पुणे पुलिस की गतिविधियों में खुद ही कई गैरकानूनी काम हुए हैं, जिन्‍हें कि इस मामले में जस्टिस चन्‍द्रचूड़ ने असहमति वाले अल्‍पमत के निर्णय में चिन्हित किया है.

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मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ वर्धा में प्रतिरोध सभा

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय, वर्धा, महाराष्ट्र के प्रगतिशील छात्र संगठनों और स्थानीय न्याय पसंद लोगों ने देश के मौजूदा हालात के खिलाफ प्रतिरोध सभा का आयोजन किया। सभा में विश्वविद्यालय के समस्त सामाजिक न्याय पसंद छात्र-छात्राओं ने एक मंच पर आकर प्रतिरोध दर्ज किया। देश में चौतरफा जारी फासीवादी हमलों के खिलाफ एकजुटता का इजहार किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि देश को ऐसे मार्ग पर धकेला जा रहा है जिसमें अल्पसंख्यक, आदिवासी, दलित-महिलाओं के साथ-साथ अन्याय-उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने वाला हर व्यक्ति असुरक्षित हो गया…

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लेखकों, बुद्धिजीवियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी के खिलाफ़ प्रतिरोध तेज करें-जसम

नई दिल्ली. जन संस्कृति मंच ने लेखकों, बुद्धिजीवियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के घर छापेमारी और गिरफ्तारी को जनता के बीच भय और आतंक फ़ैलाने की कार्रवाई करार देते हुए मोदी सरकार के इस अघोषित आपातकाल के खिलाफ़ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन को और व्यापक व तेज करने का आह्वान किया है. जन संस्कृति मंच के राष्ट्रीय महासचिव मनोज कुमार सिंह ने जारी बयान में कहा कि 28 अगस्त को देश के कई राज्यों में कई लेखकों, बुद्धिजीवियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के घर छापेमारी की गयी और कवि वरवर राव,…

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