बिहार को अकाल क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर बिहार में अखिल भारतीय किसान महासभा का तीन दिवसीय धरना शुरू

खबर

पटना . अखिल भारतीय किसान महासभा ने कदवन डैम निर्माण करने, बिहार को अकाल क्षेत्र घोषित कर राहत चलाने आदि मांगों को लेकर सोन कमाण्ड के जिला के अलावे पूरे बिहार में  27, 28 और 29 अगस्त को तीन दिवसीय धरना -प्रदर्शन शुरू किया है. पहले दिन 27 अगस्त को भोजपुर के जगदीशपुर प्रखण्ड कार्यालय के समक्ष सैकड़ों किसानों ने धरना दिया .

भोजपुर के जगदीशपुर प्रखण्ड कार्यालय के समक्ष धरने को किसान महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व विधायक चन्द्रदीप सिंह, राज्य परिषद विनोद कुशवाहा, सहार में धरना व प्रखण्ड किसान सम्मेलन को संबोधित किया. किसान महासभा के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व विधायक राजा राम सिंह, विधायक सुदामा प्रसाद, पटना जिला के पालीगंज में राज्य सहसचिव उमेश सिंह, मंगल यादव, अनवर आलम, औरंगाबाद के ओबरा में जनार्दन सिंह, रोहतास जिला के दावथ में धनेजी राम, कैमूर जिला के चैनपुर में किसान नेता वबन सिंह, नालन्दा के रहुई प्रखण्ड में किसान महासभा के नेता पालबिहारी लाल, शिवशंकर प्रसाद और भारतीय क्रांतिकारी किसान संघ के भूवनेश्वर प्र साद, नवादा जिला के जिला मुख्यालय में किसान नेता जगदीश चौहान,भोला प्रसाद, माले जिला सचिव नरेंद्र सिंह, आदि नेताओं ने सम्बोधित किया।

राष्ट्रीय महासचिव राजा राम सिंह ने सहार में धरना को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार का अधिकांश हिस्सा सूखे व बाढ़ की चपेट में है अकाल की स्थिति है।

इस वर्ष सोन नदी लगभग सूख गई है। 1990 जनवरी में तत्कालीन बिहार सरकार ने कदवन डैम का शिलान्यास किया था , लेकिन अभी तक डैम का निर्माण नहीं हो सका है।यह केन्द्र व राज्य सरकार की अपराधिक लापरवाही है। डैम का निर्माण किसानों की जीवन व मरण का प्रश्न बन गया है। कदवन डैम निर्माण को लेकर डैम स्थल का दौरा, अगस्त सितम्बर में सोन कमाण्ड के आठ जिलों में ग्राम सभा कर किसान कमिटियों का गठन, अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में किसानो का प्रखण्ड स्तर पर सम्मेलन, नवम्बर दिसम्बर में किसान यात्राएं, और फरवरी में विधानसभा के समक्ष किसानों का विशाल प्रदर्शन आदि धारावाहिक कार्यक्रम की घोषणा किया.

उन्होंने कहा कि बटाईदार सहित सभी किसानों का कर्ज माफी और फसलों का लाभकारी मूल्य देने की मांग की।

Related posts

नई करवट लेता भारत का किसान आन्दोलन

पुरुषोत्तम शर्मा

बिहार में जल संकट और उसके समाधान के रास्ते

लोकतंत्र और संविधान के लिए खतरा है मोदी सरकार : मो. सलीम

समकालीन जनमत

डीएम दिवाकर के साथ भाजपा एमएलसी द्वारा दुर्व्यवहार की साहित्यिक-सांस्कृतिक संगठनों ने भर्त्सना की

आर-पार की लड़ाई के आह्वान के साथ बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ का तीसरा राज्य सम्मेलन सम्पन्न

समकालीन जनमत

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy