साहित्य-संस्कृति गज़ल ‘बहुलता की संस्कृति’ की रक्षा करने वाली विधा – डा. जीवन सिंहसमकालीन जनमतApril 22, 2019April 22, 2019 by समकालीन जनमतApril 22, 2019April 22, 20194 1922 डी. एम. मिश्र के गज़ल संग्रह ‘वो पता ढूँढे हमारा ’ का विमोचन सम्पन्न दुष्यन्त ने गज़ल को यथार्थपरक बनाया – कौशल किशोर डी. एम....
जनमत नफरत के खिलाफ अदब का प्रोटेस्ट है ‘मै मुहाजिर नहीं हूं ’ – शारिब रुदौलवीसमकालीन जनमतJune 10, 2018June 10, 2018 by समकालीन जनमतJune 10, 2018June 10, 201802617 कथाकार-उपन्यासकार बादशाह हुसैन रिजवी के उपन्यास ‘मै मुहाजिर नहीं हूं’ के उर्दू संस्करण का 9 जून को यूपी प्रेस क्लब में विमोचन हुआ. इस उपन्यास...
कवितासाहित्य-संस्कृति ‘ चन्द्रेश्वर की कविताएं सरल पर लिखना उतना ही कठिन ’समकालीन जनमतJune 4, 2018June 4, 2018 by समकालीन जनमतJune 4, 2018June 4, 201802141 चन्द्रेश्वर प्रेम और प्रतिरोध के कवि हैं. ऐसी कविताओं की जरूरत थी. ये अपनी रचना प्रक्रिया और कन्टेन्ट में समकालीन कविताएं हैं. यहां व्यंग्य चित्र...
कविता व्यवस्था की विसंगतियों पर प्रहार है देव नाथ द्विवेदी की गजलों मेंसमकालीन जनमतApril 27, 2018April 27, 2018 by समकालीन जनमतApril 27, 2018April 27, 20185 2560 लखनऊ में देव नाथ द्विवेदी के गजल संग्रह ‘ हवा परिन्दों पर भारी है ’ का विमोचन और परिसंवाद कौशल किशोर लखनऊ. ‘ हिन्दुस्तानी जबान में...