ये चिराग जल रहे हैं जिज्ञासु : ‘ अचल ’ की परम्परा के वाहकनवीन जोशीMay 16, 2020May 18, 2020 by नवीन जोशीMay 16, 2020May 18, 20204 3315 ( वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक नवीन जोशी के प्रकाशित-अप्रकाशित संस्मरणों की श्रृंखला ‘ये चिराग जल रहे हैं’ की चौथी क़िस्त में प्रस्तुत है कुमाऊंनी भाषा ...
ये चिराग जल रहे हैं हाँ, गिर्दा, तुम्हारा होना एक दिन अवश्य सार्थक होगानवीन जोशीMay 2, 2020May 2, 2020 by नवीन जोशीMay 2, 2020May 2, 202003005 वह बड़े सपने देखने वाला अनोखा रचनाकार था. अत्यन्त सहज, सरल और सुलभ इनसान. उसके सर्वाधिक लोकप्रिय गीतों में से एक है- ‘जैंता, एक दिन...