समकालीन जनमत

Tag : नज़्म

साहित्य-संस्कृति

आज के नाम और आज के ग़म के नाम

समकालीन जनमत के फेसबुक लाइव कार्यक्रम में रंगनायक, बेगूसराय, हिरावल पटना के डी. पी. सोनी के बाद हिरावल पटना के संतोष झा ने अपने गीतों...
साहित्य-संस्कृति

मशालें लेकर चलना कि जब तक रात बाकी है

संजय जोशी
समकालीन जनमत के फेसबुक लाइव कार्यक्रम की कड़ी में हिरावल, पटना के डी. पी. सोनी ने अपने गीतों की प्रस्तुति दी । गीतों की श्रृंखला...
साहित्य-संस्कृति

‘ नज़र में कोई मंज़िल है तो मौजे-वक़्त को देखो ’

 मशहूर शायर रफ़ीउद्दीन राज़ ने ग़ज़लों और नज़्मों का पाठ किया पटना. आईएमए हाॅल, पटना में जन संस्कृति मंच ने 21 अक्टूबर को मशहूर शायर...
जनमत

ब्राह्मणवाद और पितृसत्ता के तार आपस में काफ़ी जुड़े हैं

समकालीन जनमत
( अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बनारस में ऐपवा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में संपृक्ता चटर्जी ने कैफ़ी आज़मी की नज़्म ‘उठ मेरी जान!…’ का पाठ किया...
Fearlessly expressing peoples opinion

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy