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कांग्रेस और भाकपा माले ने लखीमपुर खीरी में दलित युवक की मौत की उच्च स्तरीय जांच की मांग की

लखनऊ. कांग्रेस और भाकपा माले ने लखीमपुर खीरी जिले में गुड़गांव से लौटे एक दलित युवक द्वारा पुलिस की पिटाई के बाद आत्महत्या कर लेने की घटना की उच्च स्तरीय जांच और दोषी पुलिसकर्मी को कठोर सजा देने की मांग की है।

इस घटना के बारे में भाकपा माले द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि खीरी जिले के मैगलगंज थानाक्षेत्र का निवासी दलित युवक रोशनलाल लॉकडाउन में कारोबार बंद होने से गुड़गांव से अपने घर 29 मार्च को लौट आया था। वह प्रशासन द्वारा बाहर से आये लोगों को क्वारन्टीन में रखने के लिए तय जगह (स्कूल) में स्वेच्छा से रहने चला गया था। घर में राशन की व्यवस्था के लिए 31 मार्च को जाते हुए बीच रास्ते एक पुलिसकर्मी ने उसे रोका और यह जानकर कि वह क्वारन्टीन होम से निकल आया है, उसे मार-मार कर लहूलुहान कर दिया। पुलिस की बर्बर पिटाई के बाद दलित युवक ने गांव में पेड़ से लटक कर आत्महत्या ली। मृत्यु पूर्व युवक ने संबंधित पुलिसकर्मी का नाम लेकर साक्ष्य छोड़े हैं और घटना की एफआईआर दर्ज करने के लिए परिजनों ने मैगलगंज थाने में तहरीर भी दी है।

पार्टी ने कहा कि दलित युवक की बर्बर पिटाई करने वाले पुलिसकर्मी को अविलंब गिरफ्तार किया जाना चाहिए। कहा कि यदि युवक दलित न होता तो शायद उसके साथ इस तरह से अमानवीय सलूक न किया गया होता। यदि उसने क्वारन्टीन तोड़ने का अपराध किया था तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाता न कि आत्महत्या के लिए विवश कर देने वाली बेरहम पिटाई। पार्टी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और एससी आयोग से भी घटना का स्वतः संज्ञान लेकर मृतक को त्वरित न्याय दिलाने की अपील की।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा है कि लखीमपुर खीरी के मैगलगंज थाना क्षेत्र में पुलिस उत्पीड़न से परेशान युवक रोशन लाल ने आत्महत्या कर लिया है। इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करके जेल भेजा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में कोरोना महामारी में शासन-प्रशासन के तरफ से आम लोगों को कोई पुख्ता राहत नहीं दी जा रही है। दूसरी तरफ, कोरोना वायरस महामारी के नाम पर पुलिसिया उत्पीड़न जारी है। प्रदेश अध्यक्ष श्री अजय कुमार लल्लू ने कहा कि योगी सरकार में लगातार पुलिसिया उत्पीड़न बढ़ा है।

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