सुरेंद्र बेदिया झारखंड जन संस्कृति मंच के नये सचिव, शंभु बादल अध्यक्ष और जावेद इस्लाम कार्यकारी अध्यक्ष बनाये गये
71 सदस्यीय राज्य परिषद, 25 सदस्यीय राज्य कार्यकारिणी बनायी गयी
सम्मेलन के प्रतिनिधियों ने जनता से जीवंत रिश्ते बनाने पर जोर दिया
रामगढ : 5 अप्रैल 2026
आज डॉ. बी.पी. केसरी नगर (रामगढ़) के उम्मीदलाल गोप सभागार (अक्षत बेक्वेंट हॉल) के मानकुंवर बेदिया मंच पर झारखंड जन संस्कृति मंच के पांचवें राज्य सम्मेलन के दूसरे दिन पूर्व सचिव डॉ बलभद्र ने कामकाज की रिपोर्ट पेश की, जिस पर प्रतिनिधियों ने बहस की।
बहस के दौरान पांच प्रमुख सुझाव आए। पहला यह कि विभाजनकारी संस्कृति के खिलाफ सामूहिकता की संस्कृति को विकसित करने के लिए लोगों तक जाना होगा और संस्कृति के औजारों- रंगकर्म व गायन टीमों को लगातार विकसित करना होगा। दूसरा सुझाव यह आया कि जन संस्कृति मंच को जनभाषाओं में रचनाकर्म पर जोर देना होगा। तीसरी बात यह आयी कि झारखंड में जल जंगल जमीन पर हो रहे हमले केवल यहां के संसाधनों पर नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति को भी छीनने की कोशिश है। इसलिए हमलावरों के खिलाफ जो जन संघर्ष और जनांदोलन हैं, उनके साथ संगठन को जीवंत रिश्ता बनाना होगा।
चौथा सुझाव यह आया कि संगठन को स्त्रियों की रचनाशीलता पर और गहराई से ध्यान देना होगा और उनकी भागीदारी बढ़ानी होगी। इसके साथ समाज में व्याप्त अंधविश्वास व धार्मिक विद्वेष के खिलाफ रचनात्मक प्रतिरोध की जरूरत पर भी जोर दिया गया।

प्रतिनिधि सत्र के मुख्य अतिथि जन संस्कृति मंच के राष्ट्रीय महासचिव मनोज कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि इस दौर में सत्ता और बाजार मिलकर पूरे देश को एक रंग में रंगना चाहते हैं, इसलिए भी वे शक्तियां तमाम तरह की अपसंस्कृति फैलाकर लोगों की सांस्कृतिक एकता और विविधता को नष्ट करना चाहती हैं। इनका सर्वाधिक हमला दलितों, स्त्रियों, आदिवासियों और मुस्लिम समुदाय पर होता है। इस दौरान पूर्व सम्मेलन से अब तक के सम्मेलन के बीच गुजरे साहित्यकार-संस्कृतिकर्मियों की स्मृति में महेश सिंह ने शोक प्रस्ताव पढ़ा। संचालन जन्मेजय ने किया। इस सत्र की अध्यक्षता जावेद इस्लाम, आर.पी.वर्मा और मनोज कुमार सिंह ने की। इस मौके पर वरिष्ठ लेखक कौलेश्वर गोप को सम्मेलन की ओर से राष्ट्रीय महासचिव मनोज सिंह ने अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।

आज दूसरे सत्र में 71 सदस्यीय राज्य परिषद् का निर्माण किया गया। राज्य परिषद् ने 27 सदस्यों का राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य के रूप में चुनाव किया। नयी कार्यकारिणी ने संस्कृतिकर्मी सुरेंद्र बेदिया का राज्य सचिव, कवि-संपादक शंभु बादल का राज्य अध्यक्ष और पत्रकार जावेद इस्लाम का कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में चुनाव किया।
आर.पी. वर्मा, बीएन ओहदार, भरत बेदिया, रिजवान सिद्दिकी, शंकर पांडेय और एस.एन. पाठक को राज्य उपाध्यक्ष, रमेश शर्मा को उपसचिव और जयबीर हांसदा, डॉ. कृष्णा गोप, जन्मेजय और महेश गोप को सहसचिव बनाया गया।
‘हम होंगे कामयाब’ के सामूहिक गायन के साथ सम्मेलन संपन्न हुआ।

