समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

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ख़बर

भारत बंद : भाकपा माले का लखनऊ, वाराणसी, इलाहाबाद, गोरखपुर सहित कई स्थानों पर जोरदार प्रदर्शन

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लखनऊ। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) ने एससी/एसटी एक्ट में संशोधन के जरिये उसे निष्प्रभावी करने के खिलाफ दो अप्रैल को लखनऊ,  इलाहबाद, वाराणसी, गोरखपुर...
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भारत बंद : पटना में माले विधायकों ने विधानसभा ठप की, सड़क पर बैठे

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खगड़िया, दरभंगा, आरा, मुजफ्फरपुर सहित कई स्थानों पर माले व दलित संगठन के कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमला. पटना 2 अप्रैल।  एससी-एसटी (अत्याचार निरोधक) कानून को...
ख़बर

भारत बंद : भोजपुर, दरभंगा, मधुबनी सहित कई जगहों पर भाकपा माले ने ट्रेन रोकी, एनएच भी जाम

समकालीन जनमत
खगड़िया में भाजपा-आरएसएस के दंगाइयों ने माले जिला सचिव अरूण कुमार दास पर किया जानलेवा हमला पटना, 2 अप्रैल। एससी-एसटी (अत्याचार निरोधक) कानून को संशोधित कर...
स्मृति

केदार बाबू की कविताएँ बुंदेलखंड की सांस्कृतिक गजेटियर हैं

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रमाशंकर सिंह आज केदारनाथ अग्रवाल का जन्मदिन है. आज ही के दिन 1911 में उनका जन्म हुआ था. युग की गंगा, लोक और आलोक, फूल...
स्मृति

कर्मकर्ता और कवि रजनी तिलक ने पूरी ज़िंदगी मेहनतकशों की शोषण मुक्ति और सम्मान के नाम कर दिया- जसम

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गंगाधर पान तावड़े का जाना प्रतिरोध के एक महत्वपूर्ण स्तंभ का जाना है- जसम सामाजिक कार्यकर्ता और प्रख्यात साहित्यकार रजनी तिलक का 30 मार्च 2018...
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सी पी आई (एम एल ) लिबरेशन ने 2 अप्रैल की दलित स्ट्राइक का पुरजोर समर्थन किया

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पश्चिमी बंगाल और दूसरे स्थानों पर अल्पसंख्यकों पर हिंसा की घटनाओं की कड़ी निंदा की मानसा, पंजाब।  सी पी आई (एम एल) लिबरेशन के मानसा...
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आरएसएस-भाजपा को शिकस्त देना फौरी कार्यभार – भाकपा (माले)

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भाकपा-माले के 10वें राष्ट्रीय महाधिवेशन के चौथे दिन राष्ट्रीय राजनीतिक परिस्थिति और वामपंथी कार्यभार पर व्यापक चर्चा हुई मानसा, पंजाब। भाकपा-माले के 10वें राष्ट्रीय महाधिवेशन...
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फासीवाद की निर्णायक शिकस्त के लिए देश के राजनीतिक एजेंडे और माहौल को बदलना होगा : कॉ. दीपांकर भट्टाचार्य

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  भाकपा माले के 10 वें महाधिवेशन में महासचिव कॉ. दीपांकर भट्टाचार्य का उद्घाटन भाषण    माले के 10वें पार्टी महाधिवेशन में शामिल भारत की...
जनमत

‘ हिंदुत्व का हिन्दू धर्म से कोई लेना देना नहीं ’

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नई दिल्ली में ‘ देशप्रेम के मायने : संदर्भ आंबेडकर और भगत सिंह ’ नई दिल्ली.  भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस की पूर्व संध्या...
ख़बर

बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर में ढाई महीने में 414 बच्चों की मौत

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गोरखपुर, 23 मार्च। बीआरडी मेडिकल कालेज में वर्ष 2018 में भी बच्चों की मौत में कोई कमी नहीं आ रही है। वर्ष 2018 के ढाई...
ख़बर

जीविका के संसाधनों पर हक़ जमाने के लिए जनता को राजनीति पर हक़ जमाना होगा – कॉ. दीपांकर भट्टाचार्य

समकालीन जनमत
मानसा (पंजाब). मानसा में सी पी आई (एम् एल ) लिबरेशन के 10 वें महाधिवेशन की शुरुआत के मौके पर आज यहाँ शहीद भगत सिंह,...
कविता

यहीं कही रहेंगे केदारनाथ सिंह

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मंगलेश डबराल, वरिष्ठ कवि हिन्दी कविता की एक महत्वपूर्ण पीढी तेज़ी से विदा हो रही है. यह दृश्य  दुखद और  डरावना  है जहां ऐसे बहुत...
जनमत

गंवई संवेदना और वैश्विक दृष्टि के कवि

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अरुण आदित्य केदारनाथ सिंह करीब चार दशक से दिल्ली में रहते हुए भी ग्रामीण संवेदना के कवि बने रहे। छल-बल की इस राजधानी में भी...
साहित्य-संस्कृति

केदारनाथ सिंह के काव्य वैशिष्टय का अनुकरण नहीं किया जा सकता: प्रो विश्वनाथ प्रसाद तिवारी

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साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों, संस्कृतिकर्मियों ने प्रख्यात कवि केदारनाथ सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गोरखपुर, 21 मार्च। प्रेमचन्द पार्क में आज दोपहर बड़ी संख्या में जुटे साहित्यकारों,...
स्मृति

‘ संस्कृति खरगोश की तरह है, जो आने वाले खतरे का आभास देती है ’

समकालीन जनमत
कौशल किशोर   यह कैसा समय है कि साथ के लोग साथ छोड़े जा रहे हैं. कुंवर जी और दूधनाथ सिंह को हम ठीक से...
स्मृति

‘आदमी के उठे हुए हाथों की तरह’ हिन्दुस्तानी अवाम के संघर्षों को थामे रहेगी केदारनाथ सिंह की कविता : जसम

समकालीन जनमत
कवि केदारनाथ सिंह को जन संस्कृति मंच की श्रद्धांजलि जनतांत्रिक मूल्यों की अकाल-वेला में केदारनाथ सिंह की कविता जनप्रतिरोध के सारसों की अप्रत्याशित आवाज़ थी....
कविताशख्सियतसाहित्य-संस्कृति

उठो कि बुनने का समय हो रहा है

समकालीन जनमत
केदारनाथ सिंह की कुछ कविताएं   मुक्ति का जब कोई रास्ता नहीं मिला मैं लिखने बैठ गया हूँ मैं लिखना चाहता हूँ ‘पेड़’ यह जानते...
कविताख़बरशख्सियतसाहित्य-संस्कृति

वह चला गया, जिसने कहा था कि जाना सबसे खौफनाक क्रिया है

समकालीन जनमत
आशीष मिश्रा, युवा आलोचक   हिन्दी के सुप्रसिद्ध कवि केदारनाथ सिंह हमारे बीच नहीं रहे . कवि केदारनाथ सिंह के जाने के साथ ही न...
जनमत

योगी सरकार का एक साल : क्या पक पायेगी खुशफहमियों की खिचड़ी

समकालीन जनमत
संजय श्रीवास्तव   बीते एक साल में योगी ने वादों और इरादों को मिला कर विकास के चूल्हे पर खुशफहमियों की ऐसी खिचड़ी चढा दी...
ज़ेर-ए-बहस

उदारमना संस्कृति का सामर्थ्य

समकालीन जनमत
  पंकज चतुर्वेदी: मशहूर कथन है कि ”Interpretation depends on intention.” यानी व्याख्या इरादे पर निर्भर है। अगर आपकी नीयत नफ़रत और हिंसा फैलानेे की...
Fearlessly expressing peoples opinion