शख्सियत कुछ रंग इश्क के, कुछ इंकलाब केसमकालीन जनमतOctober 25, 2018 by समकालीन जनमतOctober 25, 20185 1426 साहिर के इंकलाबी सुर नारों की शक्ल में उतने नहीं निकलते जितने त्रासदी के ज़बरदस्त अहसास से। यह बात बहुत मायने रखती है। अपने हालात...