समकालीन जनमत

Tag : Arun Sheetansh

कविता

हम सभी के घर में गणित के जादूगर हैं: ऊषा दशोरा की कविताएँ

समकालीन जनमत
अरुण शीतांश स्त्री जीवन की विडंबनाओं पर बहुत सारी कविताएँ हमने पढ़ी हैं और उनके माध्यम से उस जीवन की तमाम कही अनकही जटिलताओं से...
कविता

अरुण शीतांश की कविताएँ: विषयों के अनंत में अपने कवि की खोज

समकालीन जनमत
भरत प्रसाद यदि दृष्टि की दिशाएं बहुदिशात्मक हों, यदि भावनाओं की गति अनेक आयामी हो, यदि हम व्यक्तित्वांतरण कर पाने के साहस से परिपूर्ण हों,...
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