साहित्य-संस्कृति भारतीय समाज को समझने के लिए ‘ गोदान ’ और ‘ मैला आंचल ’ की अगली कड़ी है ‘अगम बहै दरियाव ’- प्रो रविभूषणसमकालीन जनमतJuly 11, 2024 by समकालीन जनमतJuly 11, 20240174 लखनऊ। शिवमूर्ति में कुछ प्रेमचंद भी हैं और कुछ रेणु भी। उनका उपन्यास ‘अगम बहै दरियाव’ कृषक जीवन, ग्रामीण समाज और इसके जरिये पूरे भारतीय...