समकालीन जनमत

Tag : गोरख पाण्डेय की कविताएँ

साहित्य-संस्कृति

‘ एक तख्तनशीं आज भी इतराया हुआ है , वो ही खुदा है सबको ये समझाया हुआ है ’

समकालीन जनमत
गोरख स्मृति आयोजन के दूसरे दिन सत्रह कवियों और शायरों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया पटना. ‘‘ किसान की मेहनत के महत्व का सम्मान...
शख्सियत

कविता की मुक्ति और मुक्ति की कविताः गोरख पाण्डेय का काव्य

प्रणय कृष्ण
(सन् 2005 में ‘ समय का पहिया ‘ शीर्षक से प्रकाशित गोरख पाण्डेय की चुनिंदा कविताओं के संकलन की भूमिका के रूप में लिखे इस...
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