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आतंक, नफरत तथा युद्ध के खिलाफ शांति तथा सद्भाव के नारे के साथ रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन का 7वां राज्य सम्मेलन शुरू

युवाओं के लिए सस्ती शिक्षा तथा सम्मानजनक रोजगार की गारंटी के आह्वान के साथ रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन का 7वां बिहार राज्य सम्मेलन दरभंगा में शुरू हुआ। सम्मेलन की शुरुआत दरभंगा के विश्वविद्यालय चौरंगी में विशाल सभा के साथ हुई. बहुउद्देश्यीय भवन से मोटरसाइकिल जुलूस के साथ भगत सिंह, अम्बेडकर और नागार्जुन तथा कॉमरेड भोगेन्द्र झा की प्रतिमा पर माल्यार्पण के पश्चात सैकड़ों की संख्या में छात्र-नौजवान, युवा की उपस्थिति में सभा का आयोजन किया गया.

सभा को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय महासचिव तथा भाकपा-माले के पोलित ब्यूरो सदस्य राजाराम सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में सरकार द्वारा न्यायपालिका, चुनाव आयोग,सी बी आई ,सांख्यकी आयोग जैसे प्रतिष्ठित संस्थाओं का खुलकर विरोधी दलों व न्याय के खिलाफ इस्तेमाल किया जा रहा है। भाजपा के मोदी के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत में 2014 में आने के बाद नीतियाँ सत्ता पर अपने एकाधिकार कायम कर कॉरपोरेटों के हित में काम कर फासीवादी हिन्दू राष्ट्र बनाने की रही है इसीलिए एक एक कर जनतांत्रिक परिवर्तन के साथ अस्तित्व में आयी संविधान, कानून, न्यायपालिका, नौकरशाही, नागरिक अधिकार, मीडिया, शिक्षा संस्थानों पर अपना कब्जा जमा भारत के प्रभुत्वशाली पूंजीवादी तबके के सहयोग जन अधिकारों जिसे जनता ने कुर्बानी दे हासिल किया उसे नष्ट करने में लगी है।

अपने संबोधन में भाकपा-माले के पोलित ब्यूरो मेंबर तथा अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड धीरेंद्र झा ने कहा कि आज इस देश में युवाओं को किसानों की तरह आत्महत्या के लिये मजबूर किया जा है और नोटबन्दी, जी एस टी जैसे निर्णयों ने अर्थव्यवस्था का गला काट दिया है जिसके कारण पहले से संकटग्रस्त कृषि सेक्टर की हालात और भी चिंताजनक हो गयी है। आज सत्ता में बैठकर भाजपा युवाओं के रोजगार, आम लोगों के भूमि, आवास, भोजन, शिक्षा-स्वास्थ्य, पेंशन का अधिकार छीन देश में नफरत की राजनीति कर रही है। राष्ट्रीय धरोहरों, संपदाओं, और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को बेचा जा रहा है। इतिहास को विकृत कर उन्मादी माहौल बनाया जा रहा है। ज्ञान-विज्ञान पर चौतरफा हमले तेज कर दिए हैं। पूरी दुनिया में देश को शर्मसार करते हुए बलात्कारियों को निर्लज्जता के साथ न केवल बचाया जा रहा है बल्कि तिरंगा लेकर उनके पक्ष में जुलूस निकला जा रहा है।

सभा को संबोधित करते हुए आरवाईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज मंजिल ने कहा कि रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन का सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है  जब पूरा देश पिछले 14 फरवरी को सी आर पी एफ के 40 से अधिक जवानों की मौत जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर एक आत्मघाती हमले मे होने से मर्माहत है । इस हमले में बिहार ने भी अपना दो सपूत खोया और दुःख की इस घड़ी में  इनौस पुलवामा में मारे गये जवानों के परिजनो और देश के साथ खड़ा है ।आतंकवाद के खात्मे का दंभ भरने वाले मोदी पिछले 17 फरवरी को बिहार दौरे पर आये पर पुलवामा के दोनों शहीदों के परिजनो तक से नहीं मिले ।

नोटबंदी से आतंकवाद का खात्मा का दंभ भरने वाले मोदी के शासन काल में पठानकोट और उरी में भी आतंकवादी हमले में भी हमारी मातृभूमि के सपूत मारे गये और ये कुछ नहीं कर पाये। पुलवामा में हुए इस हमले की पूर्व सूचना खुफिया ऐजेंसी ने सरकार को दी थी । अतः मोदी से पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने  देश के जवानों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़  क्यों किया ?

जब पूरा देश मारे गये जवानों के परिजनों के साथ खड़ा है तो मोदी ,भाजपा और संघ गिरोह लोगों की आहत भावनाओं  को राष्ट्रवाद के नाम पर भड़काकर युद्धोन्माद फैला रहा है और कश्मीर के युवाओं  सहित मुस्लिम नागरिकों पर हमला किया जा रहा है ताकि युवाओं ,छात्रों ,मजदूरों, सबसे अधिक भयानक बरोजगारी दर ,दो करोड़ रोजगार का वादा ,काला धन , राफेल घोटाला ,अच्छे दिन, विकास ,नोटबंदी और जी एस टी से हुई त्रासदी जैसे मुद्दों से देश का ध्यान कश्मीर और राष्ट्रवाद के नाम पर भटकाया जा सके ।

क्या रत्ती भर भी ईमानदारी के साथ भारत कश्मीर की समस्या में अपना हाथ होने से इंकार कर सकती है ? पिछले 5 साल की मोदी सरकार की नीतियों के कारण इस देश की मेहनतकश जनता , किसानों ,युवाओं ,दलितों ,महिलाओं और अल्पसंख्यकों पर चौतरफा हमला हुआ है । भयानक बेरोजगारी दर ,सार्वजनिक सेवाओं ,शिक्षा ,स्वाथ्य सेवाओं  का निजीकरण, पूंजीपतियों के लिए राहत पैकेज और शिक्षा -रोजगार में घटते निवेश ने युवाओं  के बीच असुरक्षा और वंचना का माहौल बनाया है ।

इस घटना की आड़  में पिछले समय में मोदी सरकार के खिलाफ अपना हक माँग रहे मजदूरों ,किसानों, और युवाओं ने जो एक व्यापक एकता निर्मित कर चौतरफा आंदोलन छेड़ रखा था, उस एकता को तोड़ने के लिए अंध-राष्ट्रवाद और कश्मीर के नाम पर हिन्दुस्तानियों के दिलों में नफरत बांट रहे है । देश में चल रहे मज़दूर-कर्मचारी और किसान आंदोलन ने बड़ी एकता निर्मित करते हुए मोदी सरकार की कॉरपोरेट परस्त ,श्रम विरोधी,निजीकरण, ठेकाकरण नीतियों के खिलाफ पूरे देश में 8-9 जनवरी को दो दिनों की ऐतिहासिक हड़ताल की , सड़कों पर उतर कर प्रतिरोध किया और संसद तक मार्च किया।

अपने संबोधन में आरवाईए के राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड नीरज ने कहा कि 2अप्रैल 18 को एस.सी,एस.टी कानून में कोर्ट द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगाने के खिलाफ मोदी सरकार के खिलाफ दलित संगठनों का अभूतपूर्व भारत बंद रहा और हर जगह लोग सड़कों पर उतरे।
पर इसके पहले से ही 2014 में सत्ता में मोदी के आने समय से ही देश के विश्वविद्यालयों के स्टूडेंट और युवा कैम्पस और उसके बाहर संघर्ष कर रहे हैं। पंजाब विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि के खिलाफ आंदोलनरत छात्रों पर भी देशद्रोह का मुकदमा भाजपा सरकार ने किया। रोहित वेमुला की मौत के खिलाफ जो युवाओं का आंदोलन शरू हुआ अब वह जब पूरे देश में रोजगार, पढ़ाई , शिक्षा का निजीकरण जैसे सवालों के खिलाफ पूरे देश में फैल रहा है। ऐसे दौर में इनौस (बिहार) ने पिछले 7 फरवरी को दिल्ली में लाल किले से संसद तक हुए यंग इंडिया अधिकार मार्च में हजारों युवाओं को सड़कों पर उतारने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाया ।

ऐपवा की बिहार राज्य सचिव तथा बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ की अध्यक्ष शशि यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार संप्रदायक़ीक़रण,राजकीय आतंक,अंध-राष्ट्रवाद, सैन्यीकरण,नोटबन्दी,क्रोनी-पूंजीवाद,भ्रष्टाचार, युद्ध-उन्माद,भगवाकरण, अघोषित आपातकाल, सेंसरशिप, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला, नौकरी और रोजगार के सवाल पर आंदोलनरत युवाओं पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा,मानवाधिकारों पर हमला,हिन्दू राष्ट्र बनाने की बातें ,हर तरह का दमन,भाजपा के संरक्षण वाली कॉरपोरेट-आपराधिक पूंजी से संचालित हेट मोंगरिंग -युधोन्मादी मीडिया के जरिये अल्पसंख्यकों के प्रति दुष्प्रचार ,नागरिक रजिस्टर बनाना,सैनिकों का अपनी ही जनता के खिलाफ इस्तेमाल करना जैसी जन विरोधी नीतियों ने देश में फासीवादी माहौल बना दिया है।

फासिस्ट संघ गिरोह और भाजपा का मनुवादी -सांप्रदायिक -स्त्री विरोधी-अल्पसंख्यक विरोधी चेहरा रोहित वेमुला की मौत, ऊना, मुजफ्फरनगर, कठुवा, उन्नाव, नजीब का गायब होना ,जवानों की जम्मू में दुखद मौत के बाद पूरे देश मे कश्मीरियों और कश्मीरी युवाओं-छात्रों पर हो रहे हमले से पूरी तरह स्पष्ट हो गया है। आज हर तरह के दमन, उत्पीड़न, मॉब लिंचिंग ,अल्पसंख्यकों और दलितों पर हो रहे लगातार हमले, बेटियों के साथ बलात्कर, शोषण, भूख, कुपोषण, बेरोजगारी, विस्थापन, अन्याय और बहुत तेजी से बढ़ती आर्थिक असमानता से “संसार के विशालतम जनतंत्र” का पूरा जिस्म दागदार हो गया है।

सभा का संचालन इनौस जिला अध्यक्ष केशरी कुमार यादव ने किया। सभा को रिटायर्ड कर्नल लक्ष्मेश्वर मिश्रा, चर्चित किसान नेता जितेंद्र यादव, इंसाफ मंच के नेयाज अहमद, आफताब आलम, सूरज कुमार सिंह, रंजीत राम, असलम रहमानी, डॉक्टर सूरज पासवान, जन संस्कृति मंच के मनोज कुमार झा, प्रो कल्याण भारती, राम बाबू आर्य, आइसा राज्य सह सचिव संदीप कुमार चौधरी,जसम के प्रो सुरेंद्र सुमन विश्वविद्यालय प्रतिनिधि मयंक कुमार सहित सैकड़ों छात्र-नौजवान शामिल थे।

इसके बाद नागार्जुन नगर(दरभंगा) में कॉमरेड चंद्रशेखर मंच, रोहित वेमुला सभागार(बहुद्देश्यीय भवन) में रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन के 7वें बिहार राज्य सम्मेलन के प्रतिनिधि सत्र की शुरुआत हुई. सत्र के आरंभ में राज्य सचिव नवीन कुमार द्वारा आरवाईए के कामकाज की रिपोर्ट पेश की गई. तत्पश्चात ओपन सेशन की शुरुआत हुई.

प्रतिनिधि सत्र में अध्यक्ष मंडल में रविन्द्र यादव, अजित कुशवाहा, योगेंद्र यादव, सुधीर कुमार, कैसर नेहाल, शिव कुमार बब्लू, अजातशत्रु तथा रंजीत राज शामिल हैं. साथ ही टेक्निकल टीम में संतोष केशरी, राहुल सिंह, मनीर तथा शामिल हैं.

दरभंगा में चल रहे आरवाईए के 7वें बिहार राज्य सम्मेलन में बिहार के विभिन्न जिलों के सैकड़ों सदस्य शिकरत कर रहे हैं. सम्मेलन के पहले दिन सैकड़ों युवाओं के साथ मोटरसाईकिल जुलूस निकालकर विश्वविद्यालय चौरंगी में सभा का आयोजन किया गया. तत्पश्चात बहुद्देश्यीय भवन में प्रतिनिधि सत्र की शुरुआत हुई.

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