समकालीन जनमत
साहित्य-संस्कृति

रामजी तिवारी, सोनी पांडे,शालिनी श्रीवास्तव, शैलेंद्र मिश्र, आनंद चौहान, रूपेश सिंह को “संकल्प सम्मान ”

बलिया. साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था “संकल्प ” द्वारा “संकल्प सम्मान समारोह – 2018” का आयोजन मोती केशव कलवार धर्मशाला के सभागार में किया गया. इस अवसर पर साहित्य, कला, लोकगीत, रंगकर्म तथा चित्रकारी के क्षेत्र में सक्रिय और सराहनीय कार्य करने वाले जनपद के छह  विभूतियों -रामजी तिवारी (साहित्यकार), सोनी पांडे ( लेखिका) , शालिनी श्रीवास्तव (लेखिका), शैलेंद्र मिश्र (युवा लोकगीत गायक) , आनंद चौहान ( रंगकर्मी ) तथा रूपेश सिंह (चित्रकार) को सम्मानित किया गया.

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि काशी हिंदू विश्वविद्यालय, बनारस के हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफ़ेसर बलराज पांडे ने प्रशस्ति पत्र एवम अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया. अपने संबोधन में प्रोफेसर पांडे ने “संकल्प” साहित्यिक, सांस्कृतिक संस्था के सूत्रधार आशीष त्रिवेदी एवं उनकी टीम को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इनका कार्य बहुत ही सराहनीय और अतुलनीय है. आज जहां अलग-अलग स्वार्थ और पूर्वाग्रह के चलते सम्मान दूषित होते जा रहे हैं, कुछ सम्मान ही सात्विक रह गए हैं और संकल्प का यह सम्मान सात्विक सम्मान है. इस सम्मान को पाने वाले लोग बधाई के पात्र हैं. यह सम्मान जिन लोगों को भी दिया गया है वह बलिया और बलिया से बाहर भी समाज, संस्कृति और साहित्य के क्षेत्र के सुगंध हैं. सम्मान, दायित्व और जिम्मेदारियों को बढ़ाता है.

प्रोफेसर पांडे ने कहा कि आज जहां भौतिक वस्तुओं का मूल्य बढ़ता जा रहा है वही इंसान की कीमत का कम होते जाना यह दर्शाता है कि समाज की स्थिति बहुत ही विकट और भयावह है. ऐसे में कवि, कथाकार और रचनाकारों का दायित्व बढ़ जाता है. हमें पूरी शुचिता और संजीदगी के साथ इस विकट परिस्थिति का सामना करते हुए इसे दूर करना है. सभी सम्मानित विभूतियों ने संकल्प संस्था के प्रति आभार व्यक्त करते हुए एक स्वर में कहा कि हम इस सम्मान से मिली जिम्मेदारियों के प्रति प्रतिबद्ध रहेंगे और एक नए संकल्प के साथ आगे बढ़ेंगे.

संकल्प के सचिव वरिष्ठ रंगकर्मी आशीष त्रिवेदी ने कहा कि संकल्प पिछले कई वर्षों से साहित्य, समाज, संस्कृति, कला और अभिनय से जुड़े लोगों को सम्मानित करती रही है. हमें ऐसे लोगों को सम्मानित करने पर गर्व है जो केवल कलम के और मंच के रचनाकार या कलाकार नहीं है बल्कि अपनी लेखनी, रचना और अभिनय को अपने जीवन में जीते भी हैं.

राकेश यादव का एकल नाट्य प्रस्तुति “असमंजस बाबू”

इस अवसर पर जहां एक तरफ संकल्प टीम द्वारा जन गीत ” इसलिए राह संघर्ष की हम चुनें, जिंदगी आंसुओं में नहाई न हो ” और ” हम मेहनतकश जग वालों से जब अपना हिस्सा मांगेंगे ” के साथ हिंदी के कुछ प्रमुख कविताओं की प्रस्तुति की.  इलाहाबाद से आए वरिष्ठ अभिनेता राकेश यादव का एकल नाट्य “असमंजस बाबू” की 101 वीं प्रस्तुति ने सामाजिक मसलों पर उपस्थित जनसमूह को हंसाया, रुलाया और संवेदित कर जागरूक किया.

इस मौके पर संतोष शर्मा, सोनी कुमारी, मुकेश चौहान, अर्जुन कुमार, ट्विंकल गुप्ता, गोविंदा, राहुल, प्रकाश तिवारी, रोहित गोस्वामी, प्राकृति त्रिवेदी, अविनाश, अभिषेक कुमार रावत, साहिल, चंदन उपस्थित थे.

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