Monday, October 3, 2022
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भाजपा को केवल सत्ता से नहीं बल्कि समाज से पूरी तरह बेदखल करना हमारा लक्ष्य : दीपांकर भट्टाचार्य

साम्प्रदायिकता विरोधी नागरिक कन्वेंशन में जुटे महा गठबंधन के नेता, 2024 में भाजपा का देश से सफाए का लिया संकल्प

पटना/फुलवारी शरीफ। भाकपा-माले के 12 वें पटना जिला सम्मेलन के अवसर पर फुलवारी शरीफ के किसान पैराडाइज में आयोजित नागरिक कन्वेंशन को संबोधित करते हुए भाकपा माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जैसी फासीवादी ताकतों को न केवल देश की सत्ता से बेदखल करना है बल्कि उसे पूरी तरह समाज से बेदखल कर देना है. बिहार ने 2024 में जो रास्ता दिखलाया है यदि उस पर हम मजबूती से आगे बढ़े तो निश्चित रूप से भारतीय जनता पार्टी की विपदा से देश को मुक्ति मिल सकती है.

इस नागरिक कन्वेंशन में भाकपा माले नेताओं के अलावा महागठबंधन के विभिन्न घटकों के नेताओं ने भी हिस्सा लिया और 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को पूरी तरह से हराने का संकल्प लिया. माले महासचिव के अलावा सांप्रदायिकता विरोधी कन्वेंशन को राष्ट्रीय जनता दल के फुलवारी के अध्यक्ष ध्रुव यादव, सीपीएम के जिला सचिव मनोज जी, इलाके के प्रखर नेता मोहम्मद कौसर, भाकपा माले के वरिष्ठ नेता केडी यादव , खेत मजदूरों के वरिष्ठ नेता रामेश्वर प्रसाद, ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी, पाली विधायक संदीप सौरव, किसान सभा के नेता रामाधार सिंह, सरोज चौबे आदि नेताओं ने संबोधित किया.

सांप्रदायिकता विरोधी कन्वेंशन का संचालन फुलवारीशरीफ विधायक गोपाल रविदास ने किया. इस मौके पर भाकपा माले के कई वरिष्ठ नेता और आम लोग उपस्थित थे.

दीपंकर भट्टाचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि एक दिन पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उनसे मिलने दिल्ली पहुंचे थे. उनसे बातचीत में हमने साफ-साफ कहा कि आर एस एस-भाजपा देश बेचने वाली ताकत है। उसके खिलाफ बिहार ने जो संदेश दिया है वह बहुत महत्वपूर्ण है। आज भाजपा के खिलाफ हम दो तरह का विपक्ष देख रहे हैं. एक विपक्षी पार्टियों का बनता मोर्चा है तो दूसरा सड़कों पर जन आंदोलन करते हुए विभिन्न तबके हैं. चाहे छात्र- नौजवान हैं, मजदूर-किसान हों या  एनआरसी विरोधी आंदोलन के लोग हों. ऐसे आंदोलनों के साथ यदि विपक्षी पार्टियों की एकता बने तो निश्चित रूप से हम 2024 में पूरे देश से भाजपा का सफाया कर पाने में सफल हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कहती है कि 2024 में विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री का चेहरा कौन होगा ? हम कहते हैं यदि इस देश में संविधान और लोकतंत्र बचेगा, चुनाव होता रहेगा तो चेहरे आ जाएंगे. आज सबसे बड़ी चुनौती लोकतंत्र और संविधान को बचाने की है. भारतीय जनता पार्टी अंबानी-अडानी के हवाले देश का सारा संसाधन करने पर आमादा है. आम लोगों का जीवन मुश्किल हो गया है. आम लोगों की जिंदगी को बचाना हमारे सामने सबसे पहला दायित्व है. अडानी हमारे पैसे से ऑस्ट्रेलिया में कोयले की खदान खरीदता है और फिर भाजपा की सरकार बिजली के लिए अडानी के आस्ट्रेलिया से खदान से कोयला खरीदती है। भाजपा शासन में कल कारखाने बंदरगाह रेलवे आदि सबकुछ को अंबानी के हवाले किया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि 2005 से बिहार में भाजपा के साथ नीतीश कुमार जी सरकार चला रहे थे. अब यह सरकार लाल झंडे और राष्ट्रीय जनता दल के सहयोग से चल रही है इसलिए सरकार की कार्य नीति में फर्क दिखना चाहिए. केवल सीबीआई के छापे पर नहीं बल्कि एनआईए के छापे पर भी महागठबंधन को बोलना चाहिए. बुलडोजर पर रोक लगे, नौजवानों के भीतर रोजगार की चाहत है उसे सरकार पूरी करे. बटाईदार का रजिस्ट्रेशन हो, एपीएमसी बहाल हो, मनरेगा में काम मिले, आदि चीजों पर सरकार को गंभीरता से काम करना होगा। बिहार के अंदर इस सरकार को दूसरे ढंग से चलना होगा।

राष्ट्रीय जनता दल के फुलवारी शरीफ के अध्यक्ष ध्रुव भगत ने कहा कि हम भाकपा माले और गोपाल रविदास के शुक्रगुजार हैं जिन्होंने बड़ी मजबूती के साथ भाजपा द्वारा फुलवारी शरीफ को निशाना बनाने के खिलाफ, मुसलमानों को आतंकवादी देशद्रोही कहे जाने के खिलाफ सड़कों पर उतरे और भाजपा की साजिश का पर्दाफाश किया। कौसर खान ने कहा कि भाजपा का हमला केवल मुसलामानों पर नहीं बल्कि सबसे ज्यादा दलितों पर है। हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में हम पूरी एकता के साथ भाजपा के खिलाफ मोर्चा बनाएंगे और भाजपा को बिहार के साथ-साथ पूरे देश से भगा पाने में सफल रहेंगे।

सांप्रदायिकता विरोधी कन्वेंशन के पहले शहीदों की याद में दो मिनट का शोक रखा गया, पार्टी के झंडे को फहराया गया। जन संस्कृति मंच के साथियों ने एक गीत के द्वारा सभी साथियों को श्रद्धांजलि दी। पटना जिला का यह सम्मेलन दो दिन तक चलेगा। सांप्रदायिकता विरोधी कन्वेंशन के बाद प्रतिनिधि सत्र की शुरुआत होगी।

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