समकालीन जनमत
सिनेमा

‘अपनी धुन में कबूतरी’ की पहली स्क्रीनिंग नैनीताल में

प्रीमियर शो

दुपहर 3.30 जी जी आई सी, तल्लीताल, नैनीताल

उत्तराखंड के पुराने लोगों के कानों में अब भी कबूतरी देवी के गाने गूंजते रहते। ‘पहाड़ो को ठंड पाणी…’ अब भी शीतलता प्रदान करता है।

1939 में उत्तराखंड के सुरम्य जनपद चंपावत के लेटी गाँव में जन्मी कबूतरी जी को यूं तो बचपन से ही संगीत के संस्कार मिले लेकिन शादी के बाद उनकी असल सांगीतिक यात्रा तब शुरू हुई जब उनके पति की भागदौड़ के कारण वे आखिरकार रेडियो की कलाकार बनीं। फिर तो सत्तर और अस्सी का दशक लगभग हर चौथे पांचवें दिन अपनी सुरुली तान से अपने चाहनेवाले बढ़ाता रहा।

फिर आर्थिक अभाव और सही मार्गनिर्देशन न मिलने के कारण वे लंबे समय तक गुमनामी में रहीं लेकिन एक अखबारी रपट को पढ़कर नैनीताल की संस्कृतिकर्मी व उत्तरा महिला पत्रिका की सम्पादिका उमा भट्ट ने उत्तरा के लिए एक लंबे इंटरव्यू की योजना बनाई और इंटरव्यू के दौरान उनके कुछ गीत भी रिकार्ड किये। इस रिकार्डिंग ने सुधी जनों को कुछ ठोस करने के लिए प्रेरित किया और फिर एक बड़े आयोजन की तरह कबूतरी जी की 20 सितंबर 2004 को नैनीताल के शैले हाल में जोरदार वापिसी हुई।

इस वापिसी ने उमा भट्ट और कबूतरी जी के बीच भुलि और दीदी के रिश्ते की भी नींव रख दी। इस बीच भुलि उमा भट्ट ने प्रतिरोध का सिनेमा के नैनीताल फ़िल्म फेस्टिवलों में खूब सारी दस्तावेज़ी फिल्में देखीं और अपनी दीदी को भी सहेजने का विचार मन में कौंधने लगा।

दो साल पहले संजय मट्टू, अपल और संजय जोशी की टीम को उन्होंने अपनी दीदी पर फ़िल्म बनाने की महत्वपूर्ण जिम्मेवारी सौंपी और खुद प्रोड्यूसर बन कर संसाधन जुटाने लगीं। इस नए अवतार में भी उमा जी एकदम खरीं उतरी और प्रोडक्शन टीम की मांग को बिना टाले हुए संसाधन मुहैया जुटाती रहीं । यह सब करते हुए कबूतरी जी हमसे विदा हो गयीं।

आज भौतिक रूप में कबूतरी जी हमारे बीच नहीं हैं लेकिन फिल्म के माध्यम हम उनकी कहानी बार – बार सुन- देख सकेंगे।

हमें खुशी है कि आप सबके सहयोग से निर्मित कबूतरी जी की कहानी ‘अपनी धुन में कबूतरी’ का पहला शो हम कल 16 सितंबर 2018 को तल्लीताल, नैनीताल में दुपहर 3.30 बजे से जी जी आई सी में करेंगे। इसके बाद 2 अक्टूबर को यह  रुद्रपुर और फिर 7 अक्टूबर को पिथौरागढ़ में दिखाई जायेगी।

इस शो में आपका स्वागत है। जो लोग इसे अपने यहां दिखाना चाहते हैं उनके लिए डी वी डी उपलब्ध होगी ।

अभिवादन के साथ,
संजय जोशी
कार्यकारी निर्माता
9811577426 , [email protected]

Related posts

Fearlessly expressing peoples opinion

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy