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जनता की एकता और पहलकदमी के साथ आगे बढ़ने के संकल्प के साथ मनाया गया चारु मजूमदार का 48वां शहादत दिवस

नई दिल्ली। भाकपा (माले) के संस्थापक महासचिव कामरेड चारु मजूमदार का 48वां शहादत दिवस 28 जुलाई को पूरे जोश और संकल्प के साथ मनाया गया। दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, उड़ीसा आदि राज्यों पर इस मौके पर कार्यक्रम आयोजित किए गए जिसमें पार्टी केंद्रीय कमेटी द्वारा जारी संकल्प पत्र पढा गया।
मुख्य कार्यक्रम दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय चारु भवन में मनाया गया जहां पार्टी महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य, पोलित व्यूरो सदस्य कामरेड स्वदेश भट्टाचार्य, कविता कृष्णन, केंद्रीय कमेटी सदस्य संजय शर्मा, राजीव डिमरी, राजेन्द्र प्रथोली, पुरुषोत्तम शर्मा, सुचेता डे, हरियाणा प्रभारी कामरेड प्रेमसिंह गहलावत, दिल्ली कमेटी के सदस्य कामरेड अमरनाथ तिवारी, बीडीएस गौतम, स्वेता राज, मृत्यंजय, कपिल शर्मा, अरुण, सहित दर्जनों अन्य साथियों ने कामरेड चारु मजूमदार की मूर्ति पर पुष्पांजलि के साथ श्रद्धांजलि दी। उसके बाद भारतीय क्रांति के सभी शहीदों को दो मिनट का मौन के साथ श्रद्धांजलि दी गई। फिर केंद्रीय कमेटी द्वारा जारी संकल्प पत्र पढ़ा गया और पार्टी महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने उपस्थित साथियों को संबोधित किया।
बिहार में मुख्य कार्यक्रम पटना स्थित पार्टी के राज्य मुख्यालय में हुआ। जहां पार्टी राज्य सचिव कामरेड कुणाल, केंद्रीय कंट्रोल कमीशन के चेयरमैन कामरेड बीबी पांडे, कामरेड सरोज चौबे, कामरेड, केडी यादव, कामरेड प्रदीप झा, कामरेड, संतलाल, कामरेड परवेज आलम, कामरेड प्रकाश आदि दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे।
इसके अलावा राज्य के भोजपुर, सीवान, गोपालगंज, जहानाबाद, अरवल, वैशाली, मुजफ्फर पुर, समस्तीपुर, दरभंगा, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चम्परण, भागलपुर सहित सभी जिला कार्यालयों, प्रखंड कार्यालयों और ग्राम स्तरीय पार्टी ब्रांचों में भी श्रद्धांजलि सभा हुई और संकल्प पत्र पढ़ा गया।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी, गोरखपुर, चंदौली, गाजीपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, रायबरेली, जालौन, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, सहित सभी जिलों, ब्लाक मुख्यालयों व ग्राम स्तरीय ब्रांचों में कार्यक्रम आयोजित किये गए। उत्तराखण्ड में मुख्य कार्यक्रम बिन्दुखत्ता स्थित पार्टी राज्य मुख्यालय में आयोजित हुआ। पंजाब में राज्य मुख्यालय मानसा में मुख्य आयोजन हुआ। इसमें पार्टी केंद्रीय कमेटी सदस्य कामरेड राजविंदर राणा, सुखदर्शन नथ, कामरेड रुलदू सिंह, गुरनाम सिंह, सहित तमाम नेता उपस्थित थे।इसके अलावा सभी पार्टी ब्रांचों और जिला कमेटियों ने भी कार्यक्रम को लागू किया।
राजस्थान के जयपुर, झुंझुनू, उदयपुर, चित्तौड़गढ़ आदि जिलों में कामरेड चारु मजूमदार का शहादत दिवस मनाया गया। पश्चिम बंगाल में कोलकाता, बर्धमान, हुगली, हाबड़ा, 24 नार्थ परगना, 24 ईस्ट परगना, सिलीगुड़ी आदि जिलों में कामरेड चारु मजूमदार का शहादत दिवस मनाया गया। त्रिपुरा में भी कार्यक्रम मनाया गया।
झारखण्ड में मुख्य कार्यक्रम रांची स्थित पार्टी कार्यालय में हुआ। इसके अलावा जयनगर सरमाटांड, गिरिडीह, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़, बगोदर, सरिया, देवघर, आदि जगहों में भाकपा माले की संस्थापक पूर्व महासचिव कॉमरेड चारू मजूमदार की शहादत के 48 वीं शहादत दिवस मनाया गया। असम के गुवाहटी, कार्बी आंगलांग, लखीमपुर, डिब्रूगढ़, विश्वनाथ जिलों में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया।
महाराष्ट्र के मुंबई में पार्टी नेता श्याम गोहिल के नेतृत्व में साथ ही पालघर – महाराष्ट्र में भी कॉ.चारू मजुमदार का शहादत दिवस मनाया गया।  पालघर तालुका सचिव कॉ.अशोक तांडेल, कॉ.प्रकाश मोरे, कॉ. रामदास लिलके, कॉ. सुधाकर, कॉ. रामु, कॉ. प्रकाश धोधडे व अन्य साथी उपस्थित थे।गुजरात के अहमदाबाद में भी शहादत दिवस मनाया गयस और  केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर संकल्प लेते हुए पार्टी को मजबूत करने का वचन लिया गया।
उड़ीसा के भुवनेश्वर स्थित कामरेड नागभूषण पटनायक भवन में मुख्य कार्यक्रम हुआ। इसके अलावा रायगढ़ा, गुनूपुर, पुरी जिलों में भी जिला स्तर से ग्राम स्तर तक शहादत दिवस मनाया गया। इसके अलावा कर्नाटक, तमिलनाडु, पांडुचेरी, केरल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में भी कार्यक्रम आयोजित हुए।
संकल्प पत्र में कहा गया है कि लॉकडाउन का फायदा उठाते हुए मोदी सरकार ने भारत की जनता, संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ एक तरह से युद्ध छेड़ दिया है. कॉर्पोरेटों को सभी संसाधनों को हड़पने की खुली छूट दे दी गयी है तथा एक के बाद एक लगातार हमारे अधिकार छीने जा रहे हैं और इस तरह, हर मुमकिन तरीके से हमारे देश को कमजोर किया जा रहा है. तुर्रा ये कि सरकार हर ज़िम्मेदारी से यहाँ तक कि लोगों को आवश्यक वस्‍तु और सेवायें मुहैया कराने तक से पल्ला झाड़ रही है और फिर अपनी इस गैरज़िम्मेदारी को आत्मनिर्भरता का नाम देने का पाखंड रच रही है. जनता के बीच घृणा और विभाजन के बीज बोने, देश को कमजोर करने तथा संविधान व लोकतंत्र को नष्ट करने के फासीवादी मंसूबे से लड़ने और उसे परास्त करने की हम शपथ लेते हैं.
भारत के कामगार लोग, खास तौर पर जो सार्वजनिक स्वास्थ्य और आवश्यक सेवाओं के मोर्चे पर कार्यरत हैं, वे कोरोना के जानलेवा खतरे का सामना करते हुए भी, निरंतर अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं. हम उनकी प्रतिबद्धता और समर्पण को सलाम करते हैं. देश के बहुत सारे बुद्धिजीवी और एक्टिविस्ट इस समय फर्जी मुकदमों और दमनकारी क़ानूनों के तहत जेलों में डाल दिये गए हैं. हम इन सभी राजनीतिक बंदियों की तत्काल, बिना शर्त रिहाई की मांग करते हैं.
मोदी सरकार के तानाशाही रवैये को धता बताते हुए भारत की जनता के अलग-अलग हिस्सों के लोग, मानवीय गरिमा के साथ जीवन जीने और जनवादी अधिकारों के संघर्ष में निरंतर लामबंद हो रहे हैं. हम इन सभी संघर्षों का समर्थन करते हैं और जनता की एकता और जनवादी चेतना व हस्तक्षेप के स्तर को ऊपर उठाने के लिए इन संघर्षों के इर्दगिर्द व्यापक एकजुटता के निर्माण की शपथ लेते हैं. एकजुट और जागरूक लोग कभी हराए नहीं जा सकते. फासीवादी खतरे को ध्वस्त करने और अपने सभी अधिकारों को हासिल करने के लिए जनता की एकता और पहलकदमी के साथ, हम आगे बढ़ने का संकल्प लेते हैं.

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