समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

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ख़बर

दक्षिण एशिया में खाद्य संप्रभुता, जलवायु न्याय और किसानों के अधिकारों के लिए जारी हुआ  “ काठमांडू घोषणा पत्र ”

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दक्षिण एशिया किसान फेडरेशन सम्मेलन में नेपाल से डॉ प्रेम दंगाल अध्यक्ष और भारत से पुरुषोत्तम शर्मा महासचिव चुने गए. . काठमांडू। नेपाल की राजधानी...
ख़बर

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस : उत्सव से अधिक संघर्ष के संकल्प का दिन

लखनऊ। महिलाओं को समाज में जो स्पेस मिला है। उसके पीछे उनका संघर्ष है। धर्म, राज्य, जाति आदि की सत्ताएं अवरोधक रही हैं। वह आज...
ख़बर

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस : ऐपवा ने प्रदर्शन ,मार्च , सम्मेलन आयोजित कर महिला अधिकारों की आवाज बुलंद की

लखनऊ। ऐपवा ने आठ मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस प्रदेश के कई जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए। इस मौके पर उत्तर प्रदेश में बढ़ती हिंसा...
जनमत

स्त्री : देह पर नाचती वैश्विकता

प्रिया वर्मा पांव की दसों उंगलियों में ब्याह में बिछिया दबवाई का नेग भाभी का है, ससुरालिए देते हैं। गाली, रार, तानेबाजी के बीच सब...
जनमत

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस : ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट के आईने में महिलाओं की स्थिति 

सरिता भारत  भारतीय समाज का मूल्यांकन इस बात से किया जा सकता है कि भारत में महिलाओं की स्थिति कैसी है ? देश में महिलाओं...
साहित्य-संस्कृति

दमन के बूते ही स्थापित होता है वर्चस्व-सुदामा प्रसाद

समकालीन जनमत
लखनऊ। अनिल सिन्हा स्मृति व्याख्यान को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित करते हुए भाकपा माले सांसद कामरेड सुदामा प्रसाद ने कहा कि कोई भी वर्चस्व हमेशा...
जनमत

तूफ़ान में हलकान

समकालीन जनमत
स्टैनली जाॅनी ( लेखक -पत्रकार स्टैनली जाॅनी यह लेख ‘द हिन्दू’ से साभार लिया गया है जो 2 मार्च को प्रकाशित हुआ था। हिन्दी अनुवाद...
कविता

समय से मुठभेड़ करती उषा राय की कविताएं

डॉ अवंतिका सिंह उषा राय प्रसिद्ध कहानीकार, कवि, नाटककार, और पर्यावरण प्रेमी हैं। उनका कविता संग्रह ‘ भीमा कोरे गांव और अन्य कविताएं ‘ 2023...
ख़बर

बिहार पीछे नहीं लौटेगा, यह संघर्षों की प्रयोगशाला है, बदलाव तय है : दीपंकर भट्टाचार्य

समकालीन जनमत
पटना। आज पटना के गांधी मैदान में ऐतिहासिक ‘बदलो बिहार महाजुटान’ को संबोधित करते हुए माले महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य में गरीब,...
ज़ेर-ए-बहस

महाबोधि विहार आंदोलन पर मीडिया और बुद्धिजीवी चुप क्यों ?

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केतन यादव 12 फरवरी 2025 से महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन आमरण अनशन के रूप में चालू है। तमाम बौद्ध‌ भिक्षु अन्न‌ आदि त्याग कर बैठे...
जनमत

 गंगा-प्रदूषण से लिज़लिज़ा इंकार क्यों

( आथिरा पेरिंचेरी की यह रिपोर्ट ‘द वायर ’ में 19 फरवरी को प्रकाशित हुई है। समकालीन जनमत के पाठकों के लिए इसका हिन्दी अनुवाद...
साहित्य-संस्कृति

कलिंग पुरस्कार की प्रतिस्पर्धा से बाहर आने का फैसला किसी की प्रेरणा का नतीजा नहीं था : देवी प्रसाद मिश्र

वरिष्ठ कवि देवी प्रसाद मिश्र ने एक वक्तव्य में कहा है कि ‘ कलिंग पुरस्कार की प्रतिस्पर्धा से बाहर आने का  फैसला किसी की प्रेरणा...
साहित्य-संस्कृति

जसम लखनऊ का सम्मेलन : असगर मेहदी अध्यक्ष, शैलेश पंडित कार्यकारी अध्यक्ष तथा फरजाना महदी सचिव चुने गए

लखनऊ। जन संस्कृति मंच की लखनऊ इकाई का सम्मेलन नौ फरवरी को सी बी सिंह सभागार, हजरतगंज में आयोजित हुआ जिसमें उर्दू लेखक, इतिहासकार तथा...
साहित्य-संस्कृति

भगवान स्वरूप कटियार के लेखन में लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने की चिंता है – जयप्रकाश नारायण

लखनऊ। हिंदी के वरिष्ठ कवि तथा साहित्यकार भगवान स्वरूप कटियार को उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के निराला सभागार में उनके 75 साल का होने पर...
पुस्तक

बाल साहित्य पर संजीदा बातें

समकालीन जनमत
लाल्टू अच्छी बात यह है कि टाटा ट्रस्ट के पराग इनीशिएटिव द्वारा प्रकाशित इस किताब का नाम ‘…ऐन इंडियन स्टोरी ‘ रखा गया है, और...
ज़ेर-ए-बहस

बस्तर पर गहराता अँधेरा

समकालीन जनमत
शुभोमय सिकदार बीजापुर के 33 वर्षीय पत्रकार मुकेश चन्द्राकर की एक दशक की, घटनाओं से भरपूर शानदार पत्रकारिता को सलाम, पर यह भी सच है...
ख़बर

संगठित व संस्थाबद्ध घोर भ्रष्टाचार है बिहार की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में

समकालीन जनमत
पटना। जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष और आइसा के राष्ट्रीय नेता कामरेड  धनंजय ने आज पटना में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में बीपीएससी पीटी परीक्षा...
कविता

डॉ हेमन्त कुमार और पूनम श्रीवास्तव के कविता संग्रह का विमोचन 

समकालीन जनमत
लखनऊ। जन संस्कृति मंच (जसम) की ओर से छह जनवरी को डॉ हेमन्त कुमार के कविता संग्रह ‘ कटघरे के भीतर ‘ तथा पूनम श्रीवास्तव...
ज़ेर-ए-बहस

समाज, महिलाएं और बिहार के जेलों में उनका जीवन संघर्ष

समकालीन जनमत
 पूजा कुमारी   ( यह लेख स्वतंत्र शोधार्थी पूजा कुमारी द्वारा बिहार की जेलों में महिलाओं की स्थिति पर किए गए शोध “ INCARCERATED GENDER...
साहित्य-संस्कृति

राजनैतिक आंदोलन के साथ सांस्कृतिक आंदोलन तेज करना ही मधुकर सिंह के साहित्य का संदेश : सुदामा प्रसाद

आरा। ‘‘ आज का दौर भारतीय लोकतंत्र के लिए एक नाजुक दौर है। इस दौर में लोकतंत्र को बचाने की जो चुनौती है, उसके लिए...
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