Author : समकालीन जनमत

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ख़बर

कम्पनी राज को बढ़ाने वाला है बजट : भाकपा माले

भाकपा माले ने बजट 2021 को कम्पनी राज को बढ़ाने वाला और आर्थिक पुनर्जीवन व जनता की रोजी-रोटी की गारंटी मांगों के साथ विश्वासघात बताया...
साहित्य-संस्कृति

‘ एक तख्तनशीं आज भी इतराया हुआ है , वो ही खुदा है सबको ये समझाया हुआ है ’

समकालीन जनमत
गोरख स्मृति आयोजन के दूसरे दिन सत्रह कवियों और शायरों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया पटना. ‘‘ किसान की मेहनत के महत्व का सम्मान...
कविता

गोरख पाण्डेय की ग़ज़ल ‘ रफ़्ता-रफ़्ता नज़रबंदी का जादू घटता जाए है ’

समकालीन जनमत
समकालीन जनमत पर आज सुनिये जनकवि गोरख पाण्डेय(1945-29 जनवरी 1989) के स्मृति दिवस पर उनकी लिखी ग़ज़ल ‘रफ़्ता रफ़्ता नज़रबंदी का जादू घटता जाए है’...
साहित्य-संस्कृति

किसान की आंखों से दुनिया को देखते हैं बलभद्र

गोरख स्मृति आयोजन के पहले दिन बलभद्र के कविता संग्रह ‘समय की ठनक’ पर परिचर्चा आयोजित हुई पटना। 5वें गोरख स्मृति आयोजन के पहले दिन...
ख़बर

‘ किसान आन्दोलन संविधान, लोकतंत्र और जन अधिकारों की रक्षा के लिए जनता के संघर्ष की आधारशिला ’

समकालीन जनमत
नई दिल्ली। भाकपा-माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने गणतंत्र दिवस ट्रैक्टर परेड की सफलता पर किसानों को बधाई देते हुए आन्दोलन पर आन्दोलन पर दमन...
ख़बर

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर माले ने निकाला मशाल जुलूस, तीनों कृषि कानून रद्द करने की मांग

पटना। भाकपा-माले के राज्यव्यापी आह्वान पर तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने और एमएसपी को कानूनी दर्जा देने की मांग पर सोमवार को पूरे राज्य में...
सिनेमा

The Social Dilemma : नए बाज़ार और शोषण के आधुनिकीकरण को उजागर करती फ़िल्म

समकालीन जनमत
' The Social Dilemma' वर्तमान समय में सोशल मीडिया की लत, सर्विलांस कैपिटलिज़्म, data-mining, सोशल मीडिया का राजनीतिक ध्रुवीकरण में इस्तेमाल, बढ़ते मानसिक रोग, आत्महत्याओं...
ज़ेर-ए-बहस

सांप्रदायिक राजनीतिक अभियान का हिस्सा है बाबा खान की याद में बने अस्पताल का नाम बदलना

राम पुनियानी हाल में हरियाणा के मुख्यमंत्री एम.एल. खट्टर की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि हरियाणा सरकार ने फरीदाबाद के खान...
चित्रकला

‘ आ रहा फावड़ा लिए समय का यह किसान , जो तुझे काटकर मुझे पाटकर भर देगा ’

समकालीन जनमत
तुम देखोगे सामने तुम्हारे आँखों के, खलता की खेती हरी तुम्हारी डूबेगी/आ रहा फावड़ा लिए समय का यह किसान, जो तुझे काटकर मुझे पाटकर भर...
चित्रकला

तस्वीरों में किसान आंदोलन (टिकरी बॉर्डर)

समकालीन जनमत
भारतीय भाषा केंद्र, जेएनयू, नई दिल्ली में अध्ययनरत आमिर ने किसान आंदोलन के ये चित्र टिकरी बार्डर पर लिए हैं और इसे विशेष तौर पर...

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