समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

1310 Posts - 0 Comments
साहित्य-संस्कृति

“  शिवकुमार पराग की पराग जी की गजलें अंधेरे के खिलाफ रोशनी लेकर आती हैं ”

वाराणसी।  कवि  शिवकुमार पराग की की गजलों के नए संग्रह ‘ देख सको तो देखो ‘ का लोकार्पण 29 दिसम्बर को बनारस के जिला राजकीय...
ख़बर

उन्नाव रेप पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए लखनऊ में विरोध मार्च, जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

समकालीन जनमत
लखनऊ। उन्नाव बलात्कार कांड में दोषी कुलदीप सिंह सेंगर को मिली ज़मानत के विरोध में 29 दिसम्बर को लखनऊ में अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन...
स्मृति

“ विनोद कुमार शुक्ल अपने लेखन के जरिए ताजिंदगी मनुष्यता के पक्ष में खड़े रहे    ”

समकालीन जनमत
जन संस्कृति मंच ने कवि-कथाकार विनोद कुमार शुक्ल की याद में स्मृति सभा का आयोजन किया  रायपुर. जन संस्कृति मंच की रायपुर इकाई ने प्रसिद्ध...
साहित्य-संस्कृति

‘जीवन में कोमलतम चीज़ों को बचाना चाहती हैं डॉ. प्रज्ञा गुप्ता की कविताएँ’

समकालीन जनमत
काव्य-संग्रह “ काँस के फूलों ने कहा जोहार ! ”  का लोकार्पण , परिचर्चा रांची।  डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के सभागार में 15 दिसंबर को स्नातकोत्तर...
ख़बर

मनरेगा की पुनर्बहाली, ग्रामजी कानून की वापसी और बुलडोजर कार्रवाई पर रोक की मांग को लेकर खेग्रामस का राज्यव्यापी प्रदर्शन

पटना। मोदी सरकार द्वारा मनरेगा को खत्म कर उसकी जगह ग्रामजी (विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण) कानून को रद्द करने, मनरेगा की पुनर्बहाली,...
साहित्य-संस्कृति

महिला मुक्ति का प्रश्न राजनीतिक, सामाजिक के साथ सांस्कृतिक भी है- कुमुदिनी पति

समकालीन जनमत
इलाहाबाद। कोरस, इलाहाबाद द्वारा 17 दिसंबर को निर्भया आंदोलन की याद में घर गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसका विषय था – “महिला सुरक्षा के...
ख़बर

मुख्यमंत्री द्वारा महिला डॉक्टर का नक़ाब खींचे जाने की घटना के विरोध में ऐपवा का प्रदर्शन

पटना। एक महिला डॉक्टर को प्रमाण-पत्र प्रदान करने के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा सरेआम उसका नक़ाब खींचे जाने की शर्मनाक घटना के विरोध में...
जनमत

जसम उत्तर प्रदेश के राज्य सम्मेलन में विभाजन की संस्कृति के खिलाफ संघर्ष का संकल्प

समकालीन जनमत
जयप्रकाश धूमकेतु अध्यक्ष, कौशल किशोर कार्यकारी अध्यक्ष, रामनरेश राम सचिव तथा फरजाना महदी उप सचिव चुने गए  लखनऊ, 14 दिसम्बर। जन संस्कृति मंच का दसवां...
स्मृति

विचारधारा में दृढ़ और व्यवहार में सरल थे कामरेड राजा बहुगुणा: दीपंकर भट्टाचार्य

समकालीन जनमत
भाकपा (माले) ने नगर निगम सभागार में आयोजित की स्मृति सभा नगर निगम सभागार में भाकपा (माले) द्वारा कामरेड राजा बहुगुणा की स्मृति में 14...
स्मृति

मास्टर साहब जो मेरे जेठ थे

समकालीन जनमत
(हम क्रांतिकारियों की छवि प्रायः लार्जर दैन लाइफ बना देते हैं। उनकी जिंदगी के छोटे-छोटे प्रसंगों, उनकी कमजोरियों या उनके बहुत सारे सहयोगियों के बारे में...
कहानी

हत्यारे न्यायाधीश

समकालीन जनमत
(एक सोसायटी के रहवासियों के माध्यम से  व्यंग्यात्मक ढंग में  यह कहानी शुरू होती है। लेकिन चोरी की एक घटना के बाद कहानी बढ़ती हुई ...
यात्रा वृतान्त

आदिवासी लोकचेतना, संस्कृति और प्रकृति का जीवंत केंद्र लुगू बुरू

समकालीन जनमत
सुरेन्द्र कुमार बेदिया झारखंड की धरती पर अनेक स्थल हैं जहाँ प्रकृति, संस्कृति और लोकचेतना का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। बोकारो जिले के...
साहित्य-संस्कृति

मनुष्यता की मुक्ति के मुकम्मल कवि हैं रमाशंकर यादव ‘ विद्रोही ’

दरभंगा। इंकलाबी जनकवि रमाशंकर यादव विद्रोही की जयंती के अवसर पर जन संस्कृति मंच तथा लोहिया चरण सिंह कॉलेज के तत्वावधान में जसम जिलाध्यक्ष डॉ. रामबाबू...
ख़बर

दलितों , गरीबों, छोटे व्यवसायियों और फुटपाथ दुकानदारों पर बुलडोजर के खिलाफ बिहार में धरना, मार्च 

समकालीन जनमत
पटना. बिहार में नई सरकार बनते ही राजधानी पटना सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में अतिक्रमण के नाम पर दलित- गरीबों एवं छोटे व्यवसायियों और...
सिनेमा

स्त्री जीवन को नियंत्रित करने वाली सामाजिक संरचनाओं की पहचान करती है लघु फ़िल्म “ओद गोहरी ”

समकालीन जनमत
लखनऊ। जन संस्कृति मंच, लखनऊ द्वारा एक दिसंबर को लघु फ़िल्म “ ओद गोहरी ” की स्क्रीनिंग एसबीएम लाइब्रेरी के सभागार में हुई। यह आयोजन...
जनमत

फुटपाथ दुकानदारों को बेदखल करने के विरोध में व्यवसायी महासंघ 3 दिसम्बर को धरना देगा

पटना। पटना शहर में फुटपाथ दुकानदारों, सर्वेक्षित वेंडरों तथा झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले गरीब परिवारों को बेदखल करने की हालिया कार्रवाईयों के विरोध में व्यवसायी...
ज़ेर-ए-बहस

जरूरत है एसआईआर 2.0 के सोशल ऑडिट की

( पूर्व-प्रशासनिक अधिकारी  और वर्तमान में ‘सिटिज़न्स कमीशन ऑन एलेक्शन्स’ के को-अर्डिनेटर एमजी देवसहयाम का यह लेख 18 नवम्बर 2025 को ‘ द हिन्दू ‘...
साहित्य-संस्कृति

“  फ़ैज़ और मुक्तिबोध हमारे दिशावाहक हैं ”

समकालीन जनमत
लखनऊ। जन संस्कृति मंच (जसम) की ओर से 24 नवम्बर को एमबीए लाइब्रेरी, जगत नारायण रोड के सभागार में ‘ यादें फैज व मुक्तिबोध ‘...
स्मृति

कवि, कथाकार, संस्कृतिकर्मी अरविन्द कुमार का जाना जन सांस्कृतिक आंदोलन की बड़ी क्षति -जन संस्कृति मंच

समकालीन जनमत
‘आओ कोई ख्वाब बुने’ के रचनाकार कवि, कथाकार और संस्कृतिकर्मी अरविंद कुमार नहीं रहे। 15 नवंबर को गुरुग्राम में उन्होंने अंतिम सांस ली। वह काफी...
Fearlessly expressing peoples opinion