इंसेफेलाइटिस से मौतों में ‘ चमत्कारिक ’ कमी का सच क्या है ?

उत्तर प्रदेश और बीआरडी मेडिकल कालेज में इंसेफेलाइटिस (एईएस /जेई) से मौतों में ‘ भारी ’, ‘ चमत्कारिक ’ कमी का का दावा विवादों के घेरे में आ गया है. बीआरडी मेडिकल कालेज आंकड़ों को तोड़ मरोड़ कर पेश कर रहा है तो राष्ट्रीय स्तर पर इंसेफेलाइटिस के आंकड़े जारी करने वाले नेशनल वेक्टर बार्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (एनवीबीडीसीपी) ने एक महीने में अपने ही आंकड़े में फेरबदल कर दिया और जुलाई महीने के बरक्स अगस्त महीने में इंसेफेलाइटिस से मौतों में कमी बता दी. एनवीडीसीपी ने जुलाई माह तक यूपी में एईएस से 118 और जेई से 6 मौतें दर्शायीं थी लेकिर अब अगस्त महीने तक के जारी आंकड़ों में एईएस से मौतों की संख्या घटाकर 110 और जेई से मौतों की संख्या 3 बतायी गई है जबकि अन्य राज्यों में मौतों के आंकड़े बढ़े हैं. इससे यह संदेह और पक्का हो रहा है कि आंकड़ों में फेरबदल कर इंसेफेलाइटिस से मौतों की कमी का दावा किया जा रहा है जबकि वास्तविक स्थिति कुछ और है.

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गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज में 136 दिन में 805 बच्चों की मौत

गोरखपुर, 19 मई. बीआरडी मेडिकल कालेज में साढे चार महीनों (136 दिन ) में 805 बच्चों की मौत हो गई है। इनमें इंसेफेलाइटिस से ग्रस्त 60 बच्चे भी शामिल हैं। इस अवधि में सबसे अधिक एनआईसीयू (नियोनेटल इंटेसिव केयर यूनिट) में 522 बच्चों की मौत हुई। ये बच्चे संक्रमण, सांस सम्बन्धी दिक्कतों, कम वजन आदि बीमारियों से पीड़ित थे। बीआरडी मेडिकल कालेज के बाल रोग विभाग में नवजात शिशुओं को एनआईसीयू और बड़े बच्चों को पीआईसीयू पीडियाटिक इंटेसिव केयर यूनिट में भर्ती किया जाता है। पीआईसीयू में इंसेफेलाइटिस से ग्रस्त…

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इंसेफेलाइटिस (एईएस /जेई) से चार महीनों में यूपी में 58 की मौत

इंसेफेलाइटिस (एईएस /जेई) से इस वर्ष के चार महीनों में देश में 68 लोगों की मौत हो गई है जिसमें 58 यूपी के थे। देश के 22 राज्यों में सबसे अधिक यूपी और पश्चिम बंगाल में इंसेफेलाइटिस से मौतें हो रही हैं। नेशनल वेक्टर बार्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष के चार महीनों-जनवरी, फरवरी, मार्च और अप्रैल-में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के 1625 केस और 68 मौतें रिपोर्ट की गई हैं। इन चार महीनों में जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) के 135 केस रिपोर्ट हुए हैं जिसमें एक…

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