समकालीन जनमत

Tag : हुक़ूक-उल-निस्वाँ

नज़रिया

हुक़ूक उल निस्वां : तारीख़ की तारीकी में गुम हो गई एक तारीखी किताब : भाग 2

फ़रज़ाना महदी
मुमताज़ अली की किताब हुक़ूक़-उल-निस्वाँ का दूसरा बाब ‘तालीम’ औरतों की शिक्षा के सवाल पर उन्नीसवीं सदी के भारतीय मुस्लिम समाज में चल रही बहसों...
नज़रिया

हुक़ूक-उल-निस्वाँ : तारीख़ की तारीकी में गुम हो गई एक तारीखी किताब : भाग 1

फ़रज़ाना महदी
मौलाना मुमताज़ अली की किताब हुकूक़-उल-निस्वाँ उन्नीसवीं सदी के आख़िरी सालों में प्रकाशित हुईं उन महत्वपूर्ण किताबों में है, जिसने औरत के सवाल को महज़...
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