समकालीन जनमत

Tag : सुघोष मिश्र

कविता

दिव्या की कविताएँ काव्य जगत के आपसी संचार की टूटन को जोड़ने का प्रयास करती हैं

समकालीन जनमत
सुघोष मिश्र _________________________________________ अभिव्यक्ति किसी रचना का पहला सोपान है। हम अपने सुख, दुःख, आशा, निराशा, भय, क्रोध, स्वप्न और संदेश विभिन्न माध्यमों से अभिव्यक्त...
कविता जनमत

सुघोष मिश्र की कविता वर्तमान की जटिलताओं से उपजे द्वंद्व की अभिव्यक्ति है

समकालीन जनमत
आलोक रंजन सुघोष मिश्र की कविताओं को पढ़कर लगा कि उनकी कविताओं से परिचय कराना सरल कार्य नहीं है । इसके पीछे का एक सीधा...
Fearlessly expressing peoples opinion

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy