समकालीन जनमत

Tag : आलोक कुमार श्रीवास्तव

जनमत

नेह का युग भी आयेगा

समकालीन जनमत
आलोक कुमार श्रीवास्तव    पटना, 20 सितंबर 2026। पच्चीस-छब्बीस साल पहले कुछ दिनों अखबार में काम किया था, तब इस तरह खबर लिखने की शुरुआत...
जनमतपुस्तकसाहित्य-संस्कृति

सामाजिक सरोकारों, संवेदनाओं और काव्य-रसों से सराबोर उपन्यासिका ‘माई रे’  

समकालीन जनमत
आलोक कुमार श्रीवास्तव   उपन्यास को जीवन का महाकाव्य कहा गया है। काव्यशास्त्र कहता है कि जीवन के रस ही कविता में आकर पाठक या...
कविता

शैतान शासक की आकुल आत्मा का ‘चुपचाप अट्टहास’

समकालीन जनमत
(कवि लाल्टू के कविता-संग्रह ‘ चुपचाप अट्टहास ’  पर युवा लेखक आलोक कुमार श्रीवास्तव की टिप्पणी. ) किसी देश की जनता के लिए यह जानना...
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