स्मृति वो सूरतें इलाही किस मुल्क बसतियाँ हैं , अब जिनके देखने को आंखें तरसतियाँ हैंसमकालीन जनमतNovember 10, 2018November 10, 2018 by समकालीन जनमतNovember 10, 2018November 10, 201803156 15वीं बरसी पर कॉ मंजू देवी की यादें संतोष सहर वो सूरतें इलाही किस मुल्क बसतियाँ हैं अब जिनके देखने को आंखें तरसतियाँ...