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मोहम्मद अज़ीम की हत्या : अल्पसंख्यक समुदाय की शिकायतों को दिल्ली पुलिस ने नजरअंदाज किया

सीपीआई-एमएल, सीपीआई-एम और आइसा प्रतिनिधिमंडल ने दक्षिणी रेंज के संयुक्त आयुक्तसे मुलाकात की, ज्ञापन दिया

नई दिल्ली. सीपीआई-एमएल, सीपीआई-एम और आइसा के प्रतिनिधिमंडल ने दक्षिणी रेंज के संयुक्त आयुक्त  देवेश चंद्र श्रीवास्तव से मालवीय नगर में हुई मोहम्मद अज़ीम की हत्या के संदर्भ में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मालवीयनगर में स्थित जामिया फरीदिया मदरसा के छात्रों से भी मुलाकात की।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मोहम्मद अज़ीम की हत्या के बाद यहां मदरसा के निवासियों का स्थानीय लोगों द्वारा हुए उत्पीड़न और धमकी सम्बन्धी शिकायतों पर दिल्ली पुलिस की निष्क्रियता ऐसे कारण है, जिसकी वजह से मदरसा के प्रति निवासियों के खिलाफ शत्रुता के माहौल की बढ़ोतरी हुई। इस संदर्भ में प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि मदरसा निवासियों की शिकायतों के आधार पर जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि हम देख रहें हैं की 2014 मोदी सरकार के आने के बाद मुस्लिम समुदाय को केंद्र में रखकर सांप्रदायिक घृणा का प्रश्न देश में रोजमर्रा का मामला बन गया है। मालवीय नगर की घटना में हल्के ढंग से दिल्ली पुलिस द्वारा केवल शत्रुता के माहौल को उजागर करना और मूल कारण की ओर ध्यान न देना उसकी निष्क्रियता है, जो नागरिक समुदाय के साथ सुरक्षा के नाम पर एक खिलवाड़ की तरह प्रतीत होता है।

दिल्ली पुलिस आयुक्त को प्रतिनिधिमंडल द्वारा दिये गए पत्र में कहा गया है कि जामिया फरीदिया मदरसा के निवासियों की शिकायतों को संबोधित करने में दिल्ली पुलिस की लापरवाही पर चिंता के परिणामस्वरूप 8 साल मोहम्मद अज़ीम की हत्या हुई।

मदरसा के निवासियों और मदरसा के इमाम द्वारा दिखाए गए दस्तावेजों के साथ एवं बातचीत के माध्यम से हमें पता चला है कि 25 अक्टूबर की घटना से पूर्व भी मदरसा निवासियों के साथ उत्पीड़न के कई उदाहरण पहले से भी मौजूद थे। जैसे पिछली घटनाओं में मदरसा परिसर में शराब की बोतलें, फायर क्रैकर फेंकने जैसी कई घटनाएं हुईं। पिछले साल, मदरसा से जुड़े झुग्गियों में से एक को जला दिया गया था। इस सबन्ध में मदरसा निवासियों द्वारा पुलिस को दिए गए कई शिकायतों के बावजूद, दिल्ली पुलिस ने ऐसी शिकायतों को अनदेखा करना जारी रखा। परिणामस्वरूप स्थानीय निवासियों द्वारा मदरसा छात्रों के लक्ष्यीकरण में वृद्धि हुई।

यह गंभीर चिंता का विषय है कि दिल्ली पुलिस ने अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के घबराहट और उनके खिलाफ फैलाए गए नफरत के माहौल को खत्म करने के बजाए उनकी शिकायतों को भी नजरअंदाज कर दिया। अज़ीम की हत्या ऐसी ही शिकायतों के नजरअंदाज का परिणाम है।

हमारी माँग है कि संबंधित पुलिस स्टेशन के दिल्ली पुलिस के अधिकारियों और एसएचओ को मदरसा निवासियों की शिकायतों के आपराधिक लापरवाही के लिए दंडित किया जाना चाहिए। दिल्ली पुलिस को इस पत्र में उल्लिखित उत्पीड़न की शिकायतों पर तुरंत पूछताछ और एफआईआर दर्ज करनी होगी। क्योंकि यह स्पष्ट है कि पूर्व में पुलिस द्वारा हुई लापरवाही के कारण ही मोहम्मद अज़ीम की हत्या जैसी दुखद घटना घटित हुई है।

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