गया। जन संस्कृति मंच का प्रथम गया जिला सम्मेलन नागमतिया रोड स्थित एक प्राइवेट स्कूल में 18 जनवरी को आयोजित किया गया।
सम्मेलन तीन सत्रों में हुआ। पहले सत्र में पहले सत्र में महान क्रांतिकारी नेता पृथ्वीराज जी को याद किया गया। इस सत्र के अध्यक्ष मंडल में अखिल भारतीय किसान सभा के उपाध्यक्ष शिवसागर शर्मा, भाकपा माले के केंद्रीय कमेटी सदस्य कुमार परवेज, लोक युद्ध के संपादक संतोष सहर, भाकपा माले गया जिला सचिव कामरेड निरंजन कुमार और कामरेड मुरारी शर्मा थे। संचालन अहमद सगीर ने किया। शिव सागर शर्मा ने कहा पृथ्वीराज जनता पर जुल्म को बर्दाश्त नहीं करते थे। उनके लिए हमेशा लड़ते रहते थे।

दूसरे सत्र के अध्यक्ष मंडल में जन संस्कृति मंच मंच के बिहार सचिव दीपक सिन्हा, सुनील कुमार, तबस्सुम फरहाना, कृष्ण चन्द्र चौधरी कमल और गुफरान अशर्फी थे । इस सत्र का विषय था ” आज का समय और साहित्य “। विषय पर बोलते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज लब खामोश है पर जख्म हरा है। इस चुप्पी के खिलाफ साहित्य आज भी संघर्ष कर रहा है। प्रतिरोध का साहित्य आज भी जिंदा है। खामोश करने की हर ताकत के खिलाफ प्रतिरोध को बचाना है। कविता , कहानी और उपन्यास एक बार फिर इतिहास को बचाने मे कामयाब होंगे।
तीसरे सत्र में बिहार राज्य सचिव दीपक सिन्हा के पर्यवेक्षण मे जसम गया के प्रथम जिला सम्मेलन कमेटी का गठन किया गया। अहमद सगीर अध्यक्ष, मीम नाजिश सचिव, सुनील कुमार, हरेंद्र गिरी शाद, मुरारी शर्मा और तबस्सुम फरहाना उपाध्यक्ष चुने गए। आफताब आलम संयुक्त सचिव, मोहम्मद मेराज कोषाध्यक्ष चुने गए। डॉ नुजहत प्रवीण, गुफरान अशर्फी, फैजानुर रहमान, आरजू परवीन, शमशेर आलम कार्यकारिणी सदस्य और मंजू सिंह को आमंत्रित सदस्य बनाया गया।
कार्यकर्म के आखिर में कवि सम्मेलन और मुशायरा का आयोजन हुआ। इस अवसर पर बेगूसराय के देवेंद्र कुंवर ने जनवादी गीत गाये।

