कविता जयमाला की कविताएँ मनुष्य की बेचैनी और विस्थापन की कथा कहती हैं।समकालीन जनमतNovember 30, 2025November 30, 2025 by समकालीन जनमतNovember 30, 2025November 30, 20250110 प्रज्ञा गुप्ता जयमाला की कविताएँ आज के समय की विडंबना एवं सच्चाई को मार्मिकता से सामने लाती हैं। इन कविताओं को पढ़कर हम यह सोचने...