समकालीन जनमत

Tag : Faiz

साहित्य-संस्कृति

“  फ़ैज़ और मुक्तिबोध हमारे दिशावाहक हैं ”

समकालीन जनमत
लखनऊ। जन संस्कृति मंच (जसम) की ओर से 24 नवम्बर को एमबीए लाइब्रेरी, जगत नारायण रोड के सभागार में ‘ यादें फैज व मुक्तिबोध ‘...
ख़बरसाहित्य-संस्कृति

आज़ादी, अमन और लोकतंत्र के लिए प्रेरणा देते हैं फ़ैज़

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की जयंती पर उनके नज्म गाये, जन संस्कृति मंच, दरभंगा का जिला सम्मेलन आयोजित हुआ दरभंगा (बिहार). पूरी दुनिया के महकूमों एवं...
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फै़ज़ को क्यों और कैसे पढे़ ?

प्रणय कृष्ण
उर्दू काव्यशास्त्र में मज़मून (कंटेंट) और मानी (मीनिंग) में फर्क किया गया है। इसे समझने के लिए हमें ‘गुबारे- अय्याम’ में संकलित ‘तराना-2’ (1982) सुनना/पढ़ना...
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फ़ैज़ की नज़्म गाने वाले आईआईटी कानपुर के विद्यार्थियों पर जांच कमेटी बिठायी

जनवादी लेखक संघ ने फ़ैज़ की नज़्म गाने वाले आईआईटी कानपुर के विद्यार्थियों पर साम्प्रदायिक बयानबाज़ी का आरोप लगाते हुए जांच कमेटी बिठाने के आदेश...
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