साहित्य-संस्कृति “ फ़ैज़ और मुक्तिबोध हमारे दिशावाहक हैं ”समकालीन जनमतNovember 26, 2025November 26, 2025 by समकालीन जनमतNovember 26, 2025November 26, 2025026 लखनऊ। जन संस्कृति मंच (जसम) की ओर से 24 नवम्बर को एमबीए लाइब्रेरी, जगत नारायण रोड के सभागार में ‘ यादें फैज व मुक्तिबोध ‘...
ख़बरसाहित्य-संस्कृति आज़ादी, अमन और लोकतंत्र के लिए प्रेरणा देते हैं फ़ैज़समकालीन जनमतFebruary 14, 2020 by समकालीन जनमतFebruary 14, 202001928 फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की जयंती पर उनके नज्म गाये, जन संस्कृति मंच, दरभंगा का जिला सम्मेलन आयोजित हुआ दरभंगा (बिहार). पूरी दुनिया के महकूमों एवं...
ख़बरजनमत फै़ज़ को क्यों और कैसे पढे़ ?प्रणय कृष्णJanuary 3, 2020January 3, 2020 by प्रणय कृष्णJanuary 3, 2020January 3, 20205 2674 उर्दू काव्यशास्त्र में मज़मून (कंटेंट) और मानी (मीनिंग) में फर्क किया गया है। इसे समझने के लिए हमें ‘गुबारे- अय्याम’ में संकलित ‘तराना-2’ (1982) सुनना/पढ़ना...
ख़बर फ़ैज़ की नज़्म गाने वाले आईआईटी कानपुर के विद्यार्थियों पर जांच कमेटी बिठायीसमकालीन जनमतDecember 23, 2019 by समकालीन जनमतDecember 23, 20195 3180 जनवादी लेखक संघ ने फ़ैज़ की नज़्म गाने वाले आईआईटी कानपुर के विद्यार्थियों पर साम्प्रदायिक बयानबाज़ी का आरोप लगाते हुए जांच कमेटी बिठाने के आदेश...