जनतंत्र को बचाने के संघर्ष के इस दौर में प्रासंगिक हैं विजेंद्र अनिल की कहानियां
विजेंद्र अनिल के कहानी संग्रह ‘फ़र्ज़’ का लोकार्पण ‘‘विजेंद्र अनिल की कहानियाँ सामाजिक-राजनीतिक दृष्टि संपन्न कहानियाँ हैं। इनमें सामंतवाद, साम्राज्यवाद, सांप्रदायिकता और जातिवाद-वर्णवाद का विरोध...

