समकालीन जनमत

Tag : नई कलम

कवितानई क़लम

सत्यव्रत की कविताएँ आदिम संवेदनाओं का एक कोलाज हैं।

समकालीन जनमत
विनय सौरभ सत्यव्रत की इन कविताओं से गुज़रते हुए यह स्पष्ट होता है कि ये कविताएँ आधुनिक जीवन की विडंबनाओं, महानगर के दमघोंटू यथार्थ और...
कविता

अपूर्वा दीक्षित की कविताएँ मन की डोर को थामे रहने की समझ से निर्मित हैं

समकालीन जनमत
पीयूष कुमार संभावनाओं से भरी अपूर्वा की कविताएँ.. समकालीन कविता जहाँ साहित्यिक लोकतंत्र के विस्तार से सम्पन्न हुई है, वहीं विचारहीन युवाओं के इस स्वर्णकाल...
कविता

गोलेन्द्र की कविताएँ: अपनी बोली में जनता के दुखों और आक्रोश को ज़ाहिर करती नयी कलम

समकालीन जनमत
अनुपम त्रिपाठी समकालीन जनमत के लिए ‘नई कलम’ में आज बात करते हैं गोलेन्द्र पटेल की कविताओं पर। कई बार कच्चेपने की अपनी एक अलग...
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