कवितानई क़लम सत्यव्रत की कविताएँ आदिम संवेदनाओं का एक कोलाज हैं।समकालीन जनमतFebruary 15, 2026February 15, 2026 by समकालीन जनमतFebruary 15, 2026February 15, 20260177 विनय सौरभ सत्यव्रत की इन कविताओं से गुज़रते हुए यह स्पष्ट होता है कि ये कविताएँ आधुनिक जीवन की विडंबनाओं, महानगर के दमघोंटू यथार्थ और...
कविता अपूर्वा दीक्षित की कविताएँ मन की डोर को थामे रहने की समझ से निर्मित हैंसमकालीन जनमतJune 22, 2025June 22, 2025 by समकालीन जनमतJune 22, 2025June 22, 202502649 पीयूष कुमार संभावनाओं से भरी अपूर्वा की कविताएँ.. समकालीन कविता जहाँ साहित्यिक लोकतंत्र के विस्तार से सम्पन्न हुई है, वहीं विचारहीन युवाओं के इस स्वर्णकाल...
कविता गोलेन्द्र की कविताएँ: अपनी बोली में जनता के दुखों और आक्रोश को ज़ाहिर करती नयी कलमसमकालीन जनमतJune 27, 2021June 27, 2021 by समकालीन जनमतJune 27, 2021June 27, 202101221 अनुपम त्रिपाठी समकालीन जनमत के लिए ‘नई कलम’ में आज बात करते हैं गोलेन्द्र पटेल की कविताओं पर। कई बार कच्चेपने की अपनी एक अलग...