स्मृति पहाड़ और नदियों ने खो दिया अपने कवि कोसमकालीन जनमतOctober 23, 2018October 23, 2018 by समकालीन जनमतOctober 23, 2018October 23, 20185 2935 आज जब पहाड़, जंगल और जमीन सहित पूरी मानवता खतरे में है और उन्हें बचाने के लिए संघर्ष जारी है, ऐसे में एक कवि का...
कविता व्यवस्था की विसंगतियों पर प्रहार है देव नाथ द्विवेदी की गजलों मेंसमकालीन जनमतApril 27, 2018April 27, 2018 by समकालीन जनमतApril 27, 2018April 27, 20185 2560 लखनऊ में देव नाथ द्विवेदी के गजल संग्रह ‘ हवा परिन्दों पर भारी है ’ का विमोचन और परिसंवाद कौशल किशोर लखनऊ. ‘ हिन्दुस्तानी जबान में...