समकालीन जनमत

Author : समकालीन जनमत

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कविता

विनोद कुमार ‘हंस’ की कविताएँ सामाजिक रूढ़ियों के प्रति विद्रोह दर्ज करती हैं

हरे प्रकाश उपाध्याय विनोद कुमार ‘हंस’ कविता की दुनिया में बिलकुल अभी-अभी दाखिल हो रहे कवि हैं। फ़िलहाल उनका स्वागत और स्वीकार इसी रूप में...
जनमत

अच्छे मुसलमान, बुरे मुसलमान: ज़ोहरान ममदानी के हवाले से

समकालीन जनमत
इस दौर में जबकि न्यूयॉर्क की चुनावी जीत ने राजनीति के व्याकरण को झिंझोड़ कर रख दिया है, कम से कम अमेरिका में तो ‘अच्छे’...
जनमत

मुक्तिबोध की कविताएं आज के अंधेरे में मशाल की तरह हैं

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  इलाहाबाद विश्वविद्यालय के बरगद लॉन में बुधवार को छात्रों की साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था ‘परिवेश’ के तहत गजानन माधव मुक्तिबोध की जयंती की याद में एक...
कविता

पूर्णिमा साहू की कविताएँ दृष्टि संपन्नता की पूंजी लेकर आई हैं

समकालीन जनमत
अणु शक्ति सिंह पूर्णिमा साहू की कविताओं पर पहली दृष्टि पड़ते ही उनकी राजनीतिक समझ की झलक आ जाती है। ऐसे समय में जब स्त्री...
जनमतसाहित्य-संस्कृति

छत्तीसगढ़ में जन संस्कृति मंच ने मनाया स्थापना समारोह

समकालीन जनमत
छत्तीसगढ़ में जन संस्कृति मंच ने किसानों-मजदूरों और ग्रामीण बच्चों के बीच मनाया स्थापना समारोह बंगोली गांव में बच्चों के बीच वितरित की गई साहित्यिक...
पुस्तक

ज्योति कलश : इतिहास और साहित्य को एक सूत्र में पिरोने की कोशिश

समकालीन जनमत
सुजीत कुमार   ज्योति कलश : ज्योति बा फुले और सावित्रीबाई फुले की क्रांतिकारी जीवन गाथा (संजीव कृत उपन्यास ‘ज्योति कलश’ की पुस्तक समीक्षा) ‘ज्योति...
कविता

प्रियंका यादव की कविताएँ प्रेम में स्त्री-मन की उधेड़बुन से रूपाकार ग्रहण करती हैं

समकालीन जनमत
अनुराग यादव कविता भावों का एक संसार निर्मित करने की संभावना स्वयं में समेटे रहती है, उसे आवश्यकता होती है एक सहृदय पाठक की |...
जनमतपुस्तकसाहित्य-संस्कृति

सामाजिक सरोकारों, संवेदनाओं और काव्य-रसों से सराबोर उपन्यासिका ‘माई रे’  

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आलोक कुमार श्रीवास्तव   उपन्यास को जीवन का महाकाव्य कहा गया है। काव्यशास्त्र कहता है कि जीवन के रस ही कविता में आकर पाठक या...
साहित्य-संस्कृति

जन संस्कृति मंच का 40वां स्थापना दिवस घुटूवा शहीद स्मारक में संपन्न

30 अक्टूबर, 2025 को रामगढ़ जिले के घुटूवा 1नंबर गेट स्थित शहीद स्मारक में घुटूवा गोलीकांड के शहीदों रिझनी देवी, बलकहिया देवी और रामप्रसाद महतो...
कविता

कुमार लव की कविताएँ शब्दों तथा दृश्यों का सुंदर समन्वय हैं

समकालीन जनमत
चित्रा पंवार ‘कविता वह सुरंग है जिसके भीतर से मनुष्य एक विश्व को छोड़कर दूसरे विश्व में प्रवेश करता है’ यकीनन हिंदी के महान कवि...
शख्सियत

झारखंड आंदोलनकारी दादा उम्मीदलाल गोप एक अच्छे कलाकार भी थे

द्वितीय स्मृति दिवस झारखंड आंदोलनकारी दादा उम्मीदलाल गोप का जन्म 03 फरवरी 1971 को हेसालौंग, डाड़ी, हजारीबाग में एक मध्यम वर्गीय किसान परिवार में हुआ...
कविता

सुधीर सुमन की प्रेम कविताएँ अकेलेपन से संवाद हैं

समकालीन जनमत
राजेश कमल सुधीर सुमन हमारे समय के उन महत्त्वपूर्ण कवियों में हैं, जिनकी उपस्थिति गहरी है, पर जिनका प्रॉपर रेखांकन अब तक नहीं हुआ ।...
कविता

सुरेश जिनागल की कविताएँ वंचना और उत्पीड़न के विरुद्ध प्रतिरोध की चिनगारी की तरह हैं

समकालीन जनमत
अरुण आदित्य सुरेश जिनागल गहन मानवीय संवेदना और सामाजिक सरोकारों वाले कवि हैं। उनकी ये कविताएँ वंचना और उत्पीड़न के विरुद्ध प्रतिरोध की चिनगारी की...
ख़बरजनमत

आइसा का 26 वाँ इकाई सम्मेलन सम्पन्न

समकालीन जनमत
  आइसा का 26 वाँ इकाई सम्मेलन सम्पन्न हुआ। 85 सदस्यों की परिषद चुनी गई जिसने सोनाली को अध्यक्ष और भानु को सचिव चुना। चुनी...
जनमत

सिसकता लेह

समकालीन जनमत
लद्दाख को राज्य का दर्ज़ा देने और छठी अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग के फलस्वरूप उपजी हिंसा और पुलिसिया बर्बरता के बाद लेह...
जनमत

द्योलीडांडा शिल्पकार सम्मेलन(शताब्दी समारोह)

समकालीन जनमत
हेमन्त कुमार  आज से ठीक सौ साल पहले अपने मूलभूत अधिकारों के लिए संघर्षरत दलित समुदाय के अग्रणी नेता राय बहादुर मुंशी हरि प्रसाद टम्टा...
कविता

पल्लवी की कविताएँ संवेदना की परिपक्व भाव-भूमि पर रची गई हैं।

समकालीन जनमत
प्रज्ञा गुप्ता पल्लवी की कविता स्त्री-स्वातंत्र्य, विद्रोह और सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रिया को रूपक और प्रतीकों के माध्यम से बहुत ही प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत...
कविता

मानसी मिश्र की कविताएँ जन विरोधी व्यवस्था वाली दुनिया में एक स्त्री नागरिक का अधिकारपूर्ण दखल हैं।

समकालीन जनमत
एकता वर्मा मानसी संभावनाओं की कवयित्री हैं। इनकी कविताओं में युवा हृदय की उत्तेजनाएँ हैं। उनकी कविताएँ एक आधुनिक हुई, शिक्षित, शहरीकृत हुई कामगार महिला...
कविता

सुमन कुमार सिंह की कविताएँ वंचित तबकों का यथार्थ बयान करती हैं

अवंतिका सिंह सुमन कुमार सिंह की कविताएँ समकालीन भारतीय समाज का दर्पण हैं। इन कविताओं के माध्यम से सामाजिक और राजनीतिक विडंबनाओं, आम आदमी की...
जनमत

अखबार में आ जाएगा

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दिनेश अस्थाना    राहत इंदौरी साहब का एक मशहूर शेर है:- बन के इक हादसा बाज़ार में आ जाएगा                                         जो नहीं होगा...
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