झारखंड। पांकी प्रखंड के डंडार पंचायत स्थित बसडीहा गांव में 5 जून को बेगार करने से मना करने पर सामंत द्वारा दलित महिला लच्छोईया कुंवर और उनकी नातिन पर हमले और घर में तोड़फोड़ के खिलाफ 15 जून को भाकपा माले और आइसा द्वारा चेतावनी सभा की गई। चेतावनी सभा के बाद आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
बसडीहा निवासी लच्छोईया कुंवर के पति की मृत्यु हो चुकी है। वह गांव के ही गुंडा और दबंग प्रवृति के व्यक्ति विद्यासागर पांडेय के यहां गोबर बढ़न करती थीं। पाँच जून को उनकी तबीयत खराब थी, इस कारण उन्होंने काम करने से मना कर दिया। इसी बात से नाराज़ होकर 6 जून को विद्यासागर पांडेय तलवार लेकर उनके घर में घुसा और तलवार के म्यान से लच्छोईया कुंवर के साथ बेरहमी से मारपीट की। पीड़िता की नातिन को भी पीटा गया और घर के बर्तन, खटिया सहित कई सामान तोड़ डाले गए।
घटना की जानकारी मिलते ही आइसा पलामू जिला अध्यक्ष गुड्डू भुइयां और सीपीआई(एमएल) राज्य कमेटी सदस्य और क्षेत्र के जिला परिषद् सदस्या खुशबू कुमारी तत्काल अस्पताल पहुंचे और पीड़िता का इलाज करवाया। थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाने के लिए उन्होंने पहल की। पुलिस की शुरू में टालमटोल रवैये को देखते हुए जनदबाव बनाकर एफआईआर दर्ज करवाई गई। इस बीच पलामू एसपी से भाकपा माले की चार सदस्य प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की।
आरोपी विद्यासागर पांडे पर पहले भी दलितों पर हमला कर चुका है। उसकी पत्नी 2010 में पंचायत की मुखिया रह चुकी हैं। यह परिवार लागतार दलित और कमजोर लोगों के साथ सामंती धाक दिखाकर शोषण करने व मार पीट की घटना को अंजाम देते रहता हैं।

घटना के खिलाफ पूरे क्षेत्र में जनाक्रोश उमड़ पड़ा। बसडीहा गांव में 15 जून को चेतावनी सभा का आयोजन किया गया,जिसकी तैयारी में भाकपा माले कार्यकारी सचिव रविन्द्र भुइयां 5 दिन पहले ही क्षेत्र में कैप कर चुके। सभा में भारी बारिश के बावजूद सैकड़ों की संख्या में दलित समुदाय और लोकतांत्रिक और सामंती विरोधी ताकतों का जुटान हुआ।।सभा में सामंती धौंस,जातीय उत्पीड़न और गुंडागर्दी के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज किया गया और यह संदेश दिया गया कि दलितों पर हमला अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सभा में पलामू जिला सचिव आरएन सिंह, बीएन सिंह ,गढ़वा जिला सचिव कालीचरण मेहता, सुषमा मेहता, लातेहार जिला सचिव बिरजू राम, कविता सिंह, अविनाश रंजन, महेंद्र राम, रामराज पासवान सहित पार्टी की जिला, राज्य और प्रखंड इकाइयों के कई नेता शामिल हुए। पार्टी ने साफ किया कि यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि झारखंड में आज भी जारी सामंती वर्चस्व और जातीय हिंसा की गवाही है, जिसके खिलाफ भाकपा माले निर्णायक लड़ाई जारी रखेगी।
जनदबाव और राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद आरोपी विद्यासागर पांडे को अंततः पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

