दुनिया

केपी ओली नेपाल के प्रधानमंत्री बने

नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले) के अध्यक्ष केपी ओली आज दूसरी बार नेपाल के प्रधानमंत्री बने। उन्हें राष्ट्रपति निवास शीतल निवास में राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने नेपाल के 41वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलाई।
प्रधानमंत्री केपी ओली के साथ साथ दो मंत्रियों लालबाबू पंडित और थममाया थापा ने भी शपथ ग्रहण की। ये दोनों मंत्री एमाले के सांसद हैं। लाल बाबू पंडित को जनसंख्या व वातावरण मंत्री तथा थममाया थापा को महिला तथा बाल बालिका मंत्री बनाया गया है।
नेपाल चुनाव आयोग द्वारा बुधवार को प्रतिनिधि सभा के चुनाव के अंतिम परिणामों की घोषणा की गई। इसके बाद नेकपा एमाले और माओवादी केन्द्र पार्टी ने राष्ट्रपति से मिलकर सरकार बनाने का दावा प्रस्तुत किया। दोनों दलों ने सर्वसम्मत से केपी ओली को प्रधानमंत्री पद के लिए चुना। इसके बाद राष्ट्रपति ने केपी ओली को प्रधानमंत्री नियुक्त किया। अपरान्ह चार बजे आयोजित एक समारोह में उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।

प्रतिनिधि सभा में नेकपा एमाले के 121 और माओवादी केन्द्र के 53 सांसद चुने गए हैं। प्रतिनिधि सभा में बहुमत के लिए 138 सदस्यों की जरूरत है जबकि दोनों दलों के 164 सांसद जीत कर प्रतिनिधि सभा में पहुंचे हैं। ओली सरकार को 30 दिन में सदन में बहुमत सिद्ध करना है.

श्री केपी ओली दूसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं। वह 29 माह पहले माओवादी पार्टी के सहयोग से प्रधानमंत्री बने और 288 दिन प्रधानमंत्री रहे। इसी दौरान नेपाल का संविधान लागू हुआ जिसको लेकर मधेशी दलों में असंतोष था और उन्होंने आंदोलन शुरू किया। इसी समय भारत की ओर से नाकाबंदी भी हुई। इस दौरान केपी ओली ने दृढता दिखायी जिसके कारण उन्हें राष्ट्रवादी नेता के रूप में व्यापक लोकप्रियता मिली। संविधान के मुताबिक नवम्बर और दिसम्बर 2017 में दो चरणों में हुए चुनाव में नेकपा एमाले और माओवादी केन्द्र मिलकर चुनाव लड़े और बड़ी सफलता प्राप्त की।

केपी ओली बेहद सामन्य पृष्ठिभूमि से आते हैं। वह 23 वर्ष की उम्र में ही कम्युनिस्ट हो गए थे। वह कम्युनिस्ट कार्यकर्ता के बतौर मार्क्सवादी  अध्ययन दल से जुड़े। झापा में नेपाली कम्युनिष्ट पार्टी के सशस्त्र विद्रोह में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभायी। इस दौरान वह 14 वर्ष तक जेल में रहे। वह 1988 में अपनी पार्टी के केन्द्रीय कमेटी के सदस्य चुने गए और पांच वर्ष बाद स्थायी कमेटी के सदस्य बने। इस दौरान उन्होंने पार्टी के लुम्बिनी अंचल के प्रमुख और पार्टी के युवा फ्रंट के संस्थापक अध्यक्ष के बतौर काम किया। नेपाल में एमाले की बनी पहली सरकार में वह गृहमंत्री रहे।

 

Related posts

वाराणसी में युवाओं की हुंकार-शिक्षा-रोजगार के सवाल पर फेल मोदी सराकार को उखाड़ फेकेंगे

समकालीन जनमत

उसका भाषण था कि मक्कारी का जादू…

समकालीन जनमत

वाराणसी में भाकपा माले की पूर्वांचल स्तरीय जवाब दो रैली 20 को

समकालीन जनमत

योग दिवस, प्रधानमंत्री और पहाड़

प्रेमचंद का यह जो ‘हिन्दू पाठ’ है

समकालीन जनमत

Leave a Comment

* By using this form you agree with the storage and handling of your data by this website.